इकरा हसन का बड़ा बयान; दूसरे मजहब सड़क पर जुलूस निकाले तो कोई बात नहीं, हमारे 10 मिनट नमाज पढ़ने से क्यों आफत?

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10 मिनट की नमाज में इतनी बड़ी आफत पूरे देश और सरकारों को हो रही है। ये वही लोग है जो UAE जाकर खूब गले मिलते है, गले लगाते है…

कैराना से समाजवादी पार्टी की युवा सांसद इकरा हसन ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर कहा कि इस देश में नमाज होती आई है और होती रहेगी, इसे कोई भी रोक नहीं सकता।  किसी को अधिकार नहीं है कि नमाज के नाम पर किसी का पासपोर्ट कपाउंड कर सकें। उन्होंने कहा कि हर मजहब के लोग सड़क पर जुलूस निकाल सकते हैं, अगर हम  10 मिनट के लिए सड़क नमाज पढ़ें तो क्या दिक्कत है। सुप्रीम कोर्ट को इस पर संज्ञान लेना चाहिए।  

न डरेंगे न हम डराएंगे
संसद के बाहर शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए इकरा हसन ने कहा कि ये हमारा भी मुल्क है। लगातार जिस तरीके से यहां पर हम त्योहार मनाते आये हैं, इसे रोका जाएगा तो सभी को दुख होगा। इसी दुख में लोग कई बातें कह देते, लेकिन न डरेंगे न हम डराएंगे। नमाज भी होगी, त्योहार भी मनाएंगे।
सौगात ए मोदी नहीं चाहिए
सपा सांसद ने कहा कि 2014 के बाद से इस कगार पर देश को ये सरकार लेकर आई है, सिर्फ नफरत बोई है। जब इन्हें (पीएम मोदी) यूएई या कहीं और जाना होता है तो ये सभी को गले लगाते हैं। अब अपने देश में सौगात ए मोदी की बात चल रही है तो मुसलमान के लिए सौगात की सबसे बड़ी बात ये है कि उनके हक हकूक को दिया जाए। इकरा हसन ने दो टूक कहा कि ऐसी सौगातें हमें नहीं चाहिए। काली पट्टी बांधकर विरोध जताने के सवाल पर कहा कि हम इसके साथ हैं। ऐसे  प्रशासनिक अधिकारी जिनके दिमागी संतुलन खराब हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मेरी छत पर मैं क्या करूं, ये किसी और को बताने का अधिकार नहीं है। 

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