UPSSSC ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती के अभ्यर्थियों का लखनऊ में प्रदर्शन, रिजल्ट में देरी से नाराजगी
- Babli Ansari
- 22 Jun, 2026
लखनऊ। ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती 2023 के अभ्यर्थियों का धैर्य टूट गया। फाइनल रिजल्ट में लंबी देरी से नाराज सैकड़ों उम्मीदवारों ने गोमतीनगर स्थित UPSSSC कार्यालय के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और आयोग से तुरंत परिणाम जारी करने की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना था कि भर्ती की तमाम अहम प्रक्रियाएं, जिनमें लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल हैं, काफी पहले पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अंतिम सूची अब तक सामने नहीं आई। इसी वजह से जिले-जिले से आए उम्मीदवारों में गहरी बेचैनी है। कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आयोग की धीमी कार्यप्रणाली ने उनकी तैयारी, करियर और निजी योजनाओं तीनों को उलझा दिया है।
अभ्यर्थियों का आरोप: सब कुछ पूरा, फिर भी रिजल्ट अटका
प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों ने बताया कि यह भर्ती लंबे इंतजार के बाद उनके हाथ लगी थी, लेकिन अब परीक्षा, सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद नतीजा जारी नहीं किया जा रहा। लखनऊ पहुंचे कई अभ्यर्थियों ने कहा कि वे महीनों से अपडेट का इंतजार कर रहे हैं, मगर आयोग की तरफ से स्पष्ट टाइमलाइन नहीं दी गई। उनका गुस्सा इस बात पर भी था कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की बात तो बार-बार की जाती है, लेकिन परिणाम समय पर घोषित नहीं हो रहे। कुछ उम्मीदवारों ने दावा किया कि पिछले चरणों के बाद से वे लगातार मानसिक दबाव में हैं और अब आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।
जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन का सबसे बड़ा मुद्दा यही रहा कि भर्ती प्रक्रिया करीब पूरी होने के बाद भी अंतिम सूची को रोक कर रखा गया है। अभ्यर्थियों ने आयोग दफ्तर के बाहर नारेबाजी की और अफसरों को ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। मौके पर मौजूद छात्रों का कहना था कि यह सिर्फ एक भर्ती का मामला नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी और भविष्य से जुड़ा सवाल है। कई प्रदर्शनकारी दूर-दराज़ जिलों से लखनऊ पहुंचे थे। उनका कहना था कि बार-बार तारीखें आगे खिसकने से भरोसा कमजोर हुआ है और अब वे ठोस जवाब चाहते हैं, सिर्फ आश्वासन नहीं।
भर्ती प्रक्रिया पर सवाल, उम्मीदवारों में बढ़ता असंतोष
ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती 2023 प्रदेश की उन बड़ी भर्तियों में से है, जिस पर ग्रामीण प्रशासनिक ढांचे के लिए युवाओं की खास नजर रही है। यूपी की पंचायत व्यवस्था में ग्राम पंचायत अधिकारी की भूमिका अहम मानी जाती है, इसलिए इस पद के लिए प्रतिस्पर्धा भी जबरदस्त रही। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया में देरी होने से न केवल उनके रोजगार की राह रुक रही है, बल्कि वे दूसरी भर्तियों की तैयारी या अवसरों का फैसला भी नहीं कर पा रहे। कई उम्मीदवारों ने यह भी कहा कि भर्ती की हर नई अड़चन से उनका भरोसा कमजोर पड़ रहा है और इसी वजह से अब गुस्सा सड़क पर उतर आया है।
सूत्रों के अनुसार, आयोग स्तर पर फाइलों और प्रक्रिया से जुड़ी औपचारिकताओं की समीक्षा चल रही है, लेकिन अब तक फाइनल घोषणा नहीं की जा सकी है। उधर, उम्मीदवारों की मांग है कि या तो परिणाम तुरंत जारी किया जाए या देरी की असली वजह सार्वजनिक रूप से बताई जाए। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यूपी की भर्ती प्रक्रियाओं की रफ्तार और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका असर सीधे हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर पड़ रहा है।
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