पटना यूनिवर्सिटी के दीक्षा समारोह में बवाल! छात्रों के हंगामे के बीच राज्यपाल ने छोड़ा कार्यक्रम

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पटना यूनिवर्सिटी के दीक्षा समारोह में छात्रों के विरोध के कारण जमकर हंगामा हुआ। कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी और विरोध बढ़ने पर बिहार के राज्यपाल एवं कुलाधिपति को समारोह बीच में ही छोड़कर जाना पड़ा।

पटना। पटना विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में शनिवार को उस वक्त माहौल बिगड़ गया, जब सम्मान वितरण के बीच छात्रों के एक समूह ने विरोध शुरू कर दिया और राज्यपाल सह कुलाधिपति को अपना संबोधन अधूरा छोड़कर मंच से हटना पड़ा। दीक्षांत समारोह पटना वीमेंस कॉलेज में चल रहा था, जहां विश्वविद्यालय ने 2025-26 सत्र के 1,305 पीजी विद्यार्थियों को डिग्री देने का कार्यक्रम रखा था। समारोह में 38 टॉपरों को गोल्ड मेडल भी दिए जा रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या छात्राओं की रही। हंगामा शुरू होते ही कार्यक्रम का अनुशासन टूट गया और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमला स्थिति संभालने में जुट गया।


समारोह के बीच कैसे बिगड़ा माहौल

जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान छात्रों के एक वर्ग ने कुछ मुद्दों को लेकर नाराजगी जताई और नारेबाजी शुरू कर दी। इसी बीच मंच पर मौजूद राज्यपाल को अपना भाषण पूरा किए बिना समारोह बीच में ही छोड़ना पड़ा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाद में हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन तब तक समारोह की गरिमा पर असर पड़ चुका था। सूत्रों के अनुसार, समारोह में डिग्री वितरण का काम तय कार्यक्रम के मुताबिक आगे बढ़ रहा था, मगर विरोध बढ़ते ही पूरा परिसर कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद लोग भी सहम गए और आयोजन की रफ्तार थम गई।


डिग्री और मेडल के बड़े आंकड़े, लेकिन सवाल भी साथ

इस बार पटना विश्वविद्यालय की ओर से 2025-26 सत्र के तहत 1,305 परास्नातक विद्यार्थियों को उपाधि देने की घोषणा की गई थी। इनमें 38 विश्वविद्यालय टॉपर शामिल थे और 29 गोल्ड मेडल छात्राओं के हिस्से में आए। विश्वविद्यालय रिकॉर्ड के मुताबिक, यह समारोह महिला विद्यार्थियों की मजबूत मौजूदगी के कारण भी खास माना जा रहा था। इसके बावजूद मंच पर हुआ हंगामा चर्चा का विषय बन गया। पटना विश्वविद्यालय लंबे समय से शैक्षणिक सुधार, छात्र सुविधाओं और प्रशासनिक कामकाज को लेकर सवालों के घेरे में रहा है, इसलिए इस घटना को सिर्फ एक समारोह का व्यवधान नहीं, बल्कि कैंपस के भीतर जमा नाराजगी के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।


कैंपस में बढ़ती बेचैनी और आगे की तस्वीर

बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय परिसर में हाल के महीनों में छात्र राजनीति और प्रशासनिक फैसलों को लेकर असंतोष की पृष्ठभूमि बनी हुई थी। अलग-अलग मौकों पर कैंपस से जुड़ी अव्यवस्था और अनुशासनहीनता की खबरें भी सामने आती रही हैं, जिससे माहौल पहले से संवेदनशील था। दीक्षा समारोह जैसे औपचारिक मंच पर विरोध का पहुंचना विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए साफ चेतावनी माना जा रहा है। अब नजर इस पर है कि कुलपति और प्रशासन इस घटनाक्रम पर क्या रुख लेते हैं और क्या छात्रों की नाराजगी को बातचीत से शांत किया जाएगा या फिर जांच और कार्रवाई का रास्ता अपनाया जाएगा। फिलहाल पटना विश्वविद्यालय के इस समारोह ने एक बार फिर कैंपस की अंदरूनी बेचैनी को सार्वजनिक कर दिया है।

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