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दिल्ली में BS4 वाहनों की नो-एंट्री से DND और चिल्ला बॉर्डर पर लंबा जाम

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दिल्ली में गैर-BS-VI वाहनों की एंट्री पर रोक लागू होते ही DND और चिल्ला बॉर्डर पर वाहनों की कतार लग गई। जांच के दौरान BS4 और पुराने वाहनों को वापस लौटाया गया, जिससे नोएडा-दिल्ली आने-जाने वालों को भारी परेशानी हुई।

नई दिल्ली। दिल्ली में सर्दियों के प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए गैर-BS-VI वाहनों की एंट्री पर रोक लागू होते ही राजधानी की सीमाओं पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। रविवार को DND फ्लाईवे और चिल्ला बॉर्डर पर जांच के दौरान BS4 और उससे पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया गया। देखते ही देखते नोएडा से दिल्ली आने वाली लेन में वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई चालकों को बैरंग लौटना पड़ा, जबकि दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, डिलीवरी एजेंट और निजी वाहन मालिक घंटों जाम में फंसे रहे। दिल्ली सरकार का यह प्रतिबंध गैर-दिल्ली पंजीकृत वाहनों पर लागू है और फिलहाल 31 जनवरी 2027 तक जारी रहने की बात कही गई है।


DND और चिल्ला बॉर्डर पर जांच, वाहनों को लौटाया

DND फ्लाईवे और चिल्ला गांव सीमा पर दिल्ली यातायात पुलिस तथा परिवहन विभाग की टीमें वाहनों के कागजात और उत्सर्जन मानक की जांच करती नजर आईं। अधिकारियों के मुताबिक गैर-दिल्ली नंबर वाले BS-III और BS-IV पेट्रोल-डीजल वाहनों को राजधानी में दाखिल होने की अनुमति नहीं दी गई। जांच के कारण नोएडा सेक्टर 14ए की ओर चिल्ला बॉर्डर पर वाहनों की रफ्तार थम गई। DND पर भी दिल्ली की तरफ बढ़ रहे वाहनों की कई लेन प्रभावित हुईं। जानकारी के मुताबिक दिल्ली-गुरुग्राम सीमा समेत अन्य प्रवेश मार्गों पर भी इसी तरह की सख्ती रही। CNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI मानक वाले वाहन इस रोक से बाहर रखे गए हैं। आपात सेवा से जुड़े वाहनों को निर्धारित छूट दी गई है।


पहली बार प्रदूषण बढ़ने से पहले एहतियाती रोक

दिल्ली में पुराने वाहनों पर रोक पहले भी लगती रही है, लेकिन आमतौर पर इसका संबंध ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण या बेहद खराब वायु गुणवत्ता से रहा है। इस बार सरकार ने सर्दियों का प्रदूषण चरम पर पहुंचने से पहले ही एहतियाती कदम उठाया है। शीतकालीन कार्ययोजना के तहत गैर-दिल्ली पंजीकृत BS-VI से नीचे के पेट्रोल और डीजल वाहनों को राजधानी से बाहर रखने का फैसला किया गया। इसके साथ धूल पैदा करने वाले निर्माण कार्यों पर रोक, अधिकृत पार्किंग शुल्क दोगुना करने और सरकारी तथा निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम कराने जैसे उपाय भी लागू किए गए हैं। ईंधन पंपों को वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र के बिना वाहनों में पेट्रोल-डीजल नहीं भरने का निर्देश भी दिया गया है।


जाम से लोग परेशान, प्रवर्तन दल बढ़ाने की तैयारी

सीमा पर अचानक शुरू हुई जांच से रोजाना नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ गई। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें प्रतिबंध की जानकारी पहले से नहीं थी और बॉर्डर पहुंचने के बाद वापस लौटना पड़ा। डिलीवरी वाहनों और छोटे कारोबारियों पर भी इसका सीधा असर पड़ा। पहले दिन कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में वाहनों को लौटाया गया और उल्लंघन करने वालों के चालान काटे गए। अधिकारियों ने माना कि शुरुआती दिनों में जांच के कारण दबाव बढ़ सकता है। दिल्ली परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने प्रमुख सीमाओं तथा प्रदूषण हॉटस्पॉट पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की तैयारी की है। मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने की अपील की गई है, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के साथ सड़कों पर दबाव भी घटे।

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