बड़े दिल वाले मंत्री असीम अरुण, गाड़ी से खुद हटाया वीआईपी का स्टीकर, कार्यकर्ताओं से कहा- जनता से बड़ा वीआईपी कोई नहीं

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गाजियाबाद दौरे पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने आम जनता से लेकर कार्यकर्ताओं का दिल खुश कर देने वाला काम किया है। उन्होंने अपनी गाड़ी से VIP का स्टीकर खुद ही हटा दिया और कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता से वीआईपी कोई नहीं है। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री और गाजियाबाद के जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने शुक्रवार को लोगों का दिल खुश कर देने वाली मिशाल पेश की। उन्होंने सबके सामने अपनी सरकारी गाड़ी से ‘VIP’ का स्टीकर हटा दिया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि जनता से बड़ा कोई VIP कोई नहीं होता और जनसेवा से बड़ा कोई सौभाग्य नहीं होता। मंत्री का यह कदम देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया में उनका वीडियो वायरल हो गया। उनके इस कदम की राजनीतिक गलियारों में भी सराहना हो रही है। मंत्री का यह संदेश उस VIP संस्कृति पर सीधा प्रहार माना जा रहा है, जिसे लेकर अक्सर आम जनता में नाराजगी देखने को मिलती है। असीम अरुण का कहना था कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी जनता के सेवक होते हैं, न कि उससे ऊपर होते हैं।


भाजपा नेताओं से की मुलाकात, संगठन पर हुई चर्चा
गाजियाबाद दौरे की शुरुआत में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने भाजपा के स्थानीय नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान संगठनात्मक मजबूती, आगामी कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों को लेकर चर्चा हुई। मंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और समाधान के लिए प्रशासन से समन्वय बनाने के निर्देश दिए। मंत्री ने दोहराया कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता का सुख नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की सेवा होना चाहिए।


पुलिस लाइन में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
इसके बाद मंत्री असीम अरुण पुलिस लाइन पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों के साथ संवाद किया। इस बैठक में पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड, अपर पुलिस आयुक्त केशव कुमार चौधरी, डीसीपी सिटी धवल जायसवाल सहित तीनों डीसीपी और सभी एसीपी मौजूद रहे। मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील रहने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए, जिससे आम नागरिक को सुरक्षा के साथ-साथ भरोसे का भी एहसास हो। कानून का डर अपराधियों में और भरोसा जनता में दिखना चाहिए।


सेवानिवृत्त कर्मियों के अनुभव को बताया प्रेरणास्रोत
मंत्री ने सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों से भी बातचीत की। उन्होंने उनके अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग के लिए उनका योगदान हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। असीम अरुण ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मियों का अनुभव युवा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मार्गदर्शन का काम करता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार उनके सम्मान और कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। VIP संस्कृति के खिलाफ मंत्री का यह कदम न सिर्फ गाजियाबाद, बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे जनता से जुड़ाव का मजबूत संदेश माना जा रहा है।


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