जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बनेंगे दो RRTS कॉरिडोर, ये है पूरा प्लान!

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गाजियाबाद–जेवर 72 किमी RRTS कॉरिडोर अपने मौजूदा अलाइनमेंट पर ही विकसित होगा। YEIDA ने रूट बदलने की अटकलों को खारिज किया है। यह परियोजना NCR के पूर्वी हिस्से को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगी।

गाजियाबाद को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से जोड़ने वाला प्रस्तावित 72 किलोमीटर लंबा रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर अपने मौजूदा अलाइनमेंट पर ही विकसित किया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इस कॉरिडोर के रूट में किसी तरह के बदलाव या रि-डिजाइन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। 29 दिसंबर को हुई अहम बैठक के बाद अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि गाजियाबाद–जेवर RRTS NCR के पूर्वी हिस्से के लिए एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की रीढ़ है और इसे बदले बिना ही आगे बढ़ाया जाएगा।


गाजियाबाद–जेवर कॉरिडोर रहेगा प्राथमिक लिंक
YEIDA अधिकारियों के मुताबिक, पहले दिल्ली से सीधे जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने के विकल्पों पर मंथन जरूर हुआ था, लेकिन फिलहाल गाजियाबाद–जेवर अलाइनमेंट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जा रहा है। यह कॉरिडोर गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास तेजी से विकसित हो रहे शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों को हाई-स्पीड एयरपोर्ट कनेक्टिविटी देगा। अधिकारियों का मानना है कि अलाइनमेंट में बदलाव से भूमि अधिग्रहण, स्टेशन प्लानिंग और नेटवर्क इंटीग्रेशन जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित होंगी, जिससे परियोजना में देरी हो सकती है।


NCRTC की DPR में क्या है खास
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अनुसार, गाजियाबाद–जेवर RRTS एक एलिवेटेड और इंटीग्रेटेड RRTS-कम-मेट्रो लाइन होगी। इसकी कुल लंबाई 72.44 किमी प्रस्तावित है, जिसमें एयरपोर्ट क्षेत्र के भीतर 1.1 किमी का अंडरग्राउंड सेक्शन भी शामिल होगा। इस कॉरिडोर पर कुल 22 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें 11 इंटीग्रेटेड RRTS-कम-मेट्रो स्टेशन और 11 केवल मेट्रो स्टेशन होंगे। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 12 अतिरिक्त मेट्रो स्टेशनों का भी प्रावधान रखा गया है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 20,360 करोड़ रुपये बताई जा रही है और निर्माण अवधि लगभग पांच साल आंकी गई है।


मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी से बढ़ेगी रफ्तार
गाजियाबाद–जेवर RRTS को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के हिसाब से डिजाइन किया गया है। गाजियाबाद में यह दिल्ली–मेरठ RRTS और रेड लाइन मेट्रो से जुड़ेगा। चार मूर्ति चौक पर प्रस्तावित एक्वा लाइन एक्सटेंशन, अल्फा-1 पर मौजूदा एक्वा लाइन, सूरजपुर पर प्रस्तावित गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा RRTS और जेवर एयरपोर्ट पर टर्मिनल, पार्किंग व प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से सीधा कनेक्शन मिलेगा। इससे यात्रियों को एक ही नेटवर्क के जरिए कई विकल्प मिलेंगे और यात्रा समय में भारी कमी आएगी।


गुरुग्राम–फरीदाबाद–सूरजपुर RRTS अलग परियोजना
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि गुरुग्राम के इफ्को चौक से फरीदाबाद होते हुए सूरजपुर तक प्रस्तावित करीब 60 किलोमीटर लंबा RRTS कॉरिडोर एक अलग परियोजना है। यह कॉरिडोर IGI एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक पूरक लिंक के रूप में विकसित किया जा रहा है, न कि गाजियाबाद–जेवर RRTS के विकल्प के तौर पर। फिलहाल यह परियोजना ड्राफ्ट DPR चरण में है और हरियाणा सरकार के स्तर पर विचार-विमर्श जारी है।

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