दिल्ली में ठगी की मास्टरमाइंड वॉन्टेड महिला गिरफ्तार, अस्पताल व मंदिरों में महिलाओं को बनाती थी निशाना
- Shiv Kumar
- 10 Apr, 2026
दिल्ली में महिलाओं को झांसे में लेकर उनके गहने और कीमती सामान ठगने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच ने इस गैंग की मास्टरमाइंड महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जो पिछले करीब तीन साल से फरार चल रही थी। आरोपी महिला को अदालत द्वारा दो मामलों में घोषित अपराधी भी घोषित किया जा चुका था। पुलिस के अनुसार यह गिरोह खासतौर पर अस्पतालों और मंदिरों के बाहर अकेली या परेशान दिखने वाली महिलाओं को निशाना बनाता था। आरोपी पहले उनसे बातचीत कर भरोसा जीतती थी और फिर मौका पाकर उनके गहने उतरवा कर फरार हो जाती थी। इस गिरफ्तारी को पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे ऐसे अपराधों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
कैसे महिलाओं को फंसाकर करती थी ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला बेहद चालाक तरीके से अपने शिकार को चुनती थी। वह खासतौर पर उन महिलाओं को निशाना बनाती थी, जो अस्पताल या मंदिर में अकेली होती थीं या किसी परेशानी में नजर आती थीं। आरोपी पहले उनसे बातचीत शुरू करती थी और कभी मदद का बहाना बनाती थी, तो कभी अपनी दुखभरी कहानी सुनाकर सहानुभूति हासिल करती थी। धीरे-धीरे वह सामने वाली महिला का भरोसा जीत लेती थी और उसे मानसिक रूप से भ्रमित कर देती थी। कई मामलों में वह अशुभ घटना का डर दिखाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसा लेती थी। इसी दौरान वह मौका देखकर गहने उतरवा लेती थी और तुरंत वहां से गायब हो जाती थी।
तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी से मिली सफलता
क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी तक पहुंचने के लिए पिछले एक महीने में करीब 50 स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। अस्पतालों और मंदिरों के आसपास की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के साथ-साथ स्थानीय खुफिया जानकारी का भी सहारा लिया। लगातार प्रयासों के बाद 9 अप्रैल 2026 को आरोपी महिला को बवाना इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि आरोपी बार-बार अपना ठिकाना बदल रही थी और पहचान छिपाने की कोशिश कर रही थी।
आर्थिक तंगी बनी अपराध की वजह
गिरफ्तार महिला की पहचान Paro (38) के रूप में हुई है, जो बवाना इलाके की रहने वाली है। वह आठवीं तक पढ़ी है और झुग्गी में रहती थी। पुलिस के अनुसार वर्ष 2012 में उसकी शादी हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं। आर्थिक तंगी और पारिवारिक समस्याओं के चलते उसने अपराध की राह पकड़ ली और धीरे-धीरे इस गिरोह की मास्टरमाइंड बन गई। उसके खिलाफ पहले से ही तीन ठगी के मामले दर्ज हैं, जिनमें आई.पी. एस्टेट और मंदिर मार्ग थाना क्षेत्र के मामले शामिल हैं।
गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी महिला और कितनी वारदातों में शामिल रही है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि ऐसे मामलों में सतर्क रहें और किसी अनजान व्यक्ति की बातों में आकर अपने कीमती सामान न सौंपें।
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