लोनी में काल बना डाबर तालाब, लापता युवक के बाद उसे खोजने उतरा गोताखोर भी डूबा, एक सप्ताह में तीसरी मौत

top-news
गाजियाबाद के लोनी स्थित डाबर तालाब में एक सप्ताह में तीन हादसों ने दहशत फैला दी है। हिस्ट्रीशीटर युवक का शव मिलने के दौरान एक गोताखोर भी लापता हो गया। तालाब की बदहाल स्थिति और अवैध कब्जों को लोग इन घटनाओं की बड़ी वजह मान रहे हैं।

लोनी के अंकुर विहार क्षेत्र स्थित डाबर तालाब इन दिनों लोगों के लिए खौफ का कारण बन गया है। बीते एक सप्ताह में यहां लगातार तीन मौतों की घटनाओं ने पूरे इलाके को दहला दिया है। ताजा मामला 14 अप्रैल से लापता हिस्ट्रीशीटर युवक शादान का है, जिसका शव तालाब से बरामद किया गया। परिजनों ने कुछ दिन पहले तालाब किनारे उसकी शर्ट देखी थी, जिसके बाद डूबने की आशंका जताई गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिससे इलाके में पहले से फैली दहशत और बढ़ गई।


रेस्क्यू ऑपरेशन बना हादसे का कारण
शादान की तलाश के लिए दिल्ली से गोताखोरों की टीम बुलाई गई थी। सर्च ऑपरेशन के दौरान ही एक और बड़ा हादसा हो गया, जब गोताखोर सरताज उर्फ भूरा गहरे दलदल और झाड़ियों में फंसकर लापता हो गया। काफी प्रयासों के बावजूद उसका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है और उसकी तलाश जारी है। तालाब की गहराई, चारों ओर फैली घनी झाड़ियां और दलदली जमीन बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रही हैं। रेस्क्यू टीम को हर कदम पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा हो गया है।


पहले भी हो चुकी हैं दर्दनाक घटनाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी तालाब में एक मासूम बच्चे की डूबने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है और तालाब के आसपास रहने वाले परिवार अपने बच्चों को वहां जाने से रोक रहे हैं। लोगों का आरोप है कि तालाब की स्थिति लंबे समय से खराब है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।


अवैध कब्जे और बदहाल हालत बनी वजह
डाबर तालाब लोनी नगर पालिका क्षेत्र में आता है और यहां लंबे समय से अवैध कब्जे व निर्माण की शिकायतें सामने आती रही हैं। झाड़ियों और दलदल ने इस जगह को और खतरनाक बना दिया है। घटना की सूचना मिलने पर विधायक नंदकिशोर गुर्जर मौके पर पहुंचे और उन्होंने नगर पालिका प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू और जांच में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने इस तालाब को स्थानीय लोगों के लिए डर का प्रतीक बना दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *