गाजियाबाद के इंदिरापुरम की हाईराइज सोसाइटी में भीषण आग, 9 से 11 मंजिल तक 8-10 फ्लैट जले, लोगों में मची अफरातफरी

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गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में 10वीं मंजिल से लगी आग 8-10 फ्लैट तक फैल गई। दमकल की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जांच जारी है।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित Gaur Green Avenue Apartment में बुधवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक फ्लैट में लगी आग ने देखते ही देखते कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। करीब पौने 9 बजे शुरू हुई यह आग 12 मंजिला इमारत के 9वें, 10वें और 11वें तल तक फैल गई। आग की लपटें और काले धुएं ने पूरे परिसर को घेर लिया, जिससे लोग घबराकर अपने फ्लैट छोड़कर बाहर भागने लगे। शुरुआती जानकारी के अनुसार 8 से 10 फ्लैट इस आग से प्रभावित हुए हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।




10वीं मंजिल से शुरू होकर कई फ्लैटों तक पहुंची आग
बताया जा रहा है कि आग 10वीं मंजिल के एक फ्लैट में लगी थी, लेकिन कुछ ही देर में यह ऊपर और नीचे के फ्लोर तक फैल गई। तेज लपटों के कारण आसपास के फ्लैटों में धुआं भर गया, जिससे लोगों को बाहर निकलने में काफी परेशानी हुई। कई परिवार जान बचाकर सीढ़ियों के जरिए नीचे उतरे। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला और कई घरों का सामान जलकर राख हो गया।




दमकल की टीमों ने संभाला मोर्चा, आग पर पाया काबू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, कुल छह दमकल टीमें आग पर काबू पाने में जुटीं और आसपास के फायर स्टेशनों से भी सहायता मंगाई गई। लगातार प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे भवन को खाली करा लिया था।




शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और दमकल विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। इस घटना के बाद हाईराइज इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही सटीक कारण सामने आ सकेगा।

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