दिल्ली पुलिस का साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा एक्शन, देशभर में फैले कई साइबर फ्रॉड गिरोहों का भंडाफोड़

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दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 40 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश और डेटिंग स्कैम से जुड़े गिरोहों का पर्दाफाश हुआ।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने अप्रैल 2026 में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में फैले कई बड़े फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने करीब 40 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े गिरोहों का पर्दाफाश किया और 89 साइबर ठगों को हिरासत में लिया। इनमें 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 54 लोगों को बाउंड डाउन किया गया। पुलिस के मुताबिक अप्रैल महीने में 34 बड़े साइबर फ्रॉड मामलों को सुलझाया गया और 16 मामलों का निपटारा भी किया गया। कार्रवाई के दौरान दिल्ली, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में लगातार छापेमारी की गई। जांच में सामने आया कि ये गिरोह डिजिटल अरेस्ट, फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम, एपीके फाइल स्कैम, फेक डेटिंग क्लब और म्यूल अकाउंट के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे।


छापेमारी में भारी मात्रा में सामान बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 14.18 लाख रुपये नकद, 359 सिम कार्ड, 218 एटीएम कार्ड, 88 मोबाइल फोन, 78 चेकबुक, 5 पासबुक, 3 क्रेडिट कार्ड, 2 लैपटॉप, एक पेन ड्राइव और एक कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार अप्रैल महीने में कुल 3.36 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई थीं। इनमें से 1.11 करोड़ रुपये बैंकिंग कोऑर्डिनेशन और अकाउंट फ्रीज कर सुरक्षित कराए गए, जबकि कोर्ट के आदेश पर 51.95 लाख रुपये पीड़ितों को वापस भी दिलाए गए। करमपुरा इलाके में चल रहे एक बड़े म्यूल अकाउंट और ओटीपी शेयरिंग रैकेट का भी खुलासा किया गया। पुलिस के छापे के दौरान आरोपी चौथी मंजिल से कूदकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने सभी को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में बिट्टू चौधरी, लविश चुघ, ऋषि, अरुण सिंह, आशीष और दीपक भट्ट शामिल हैं।


फर्जी डेटिंग क्लब और डिजिटल अरेस्ट गैंग का भी खुलासा

जांच में पता चला कि आरोपी “DL Office” नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए फर्जी बैंक खातों और ओटीपी का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। इनके पास से 43 स्मार्टफोन, 313 सिम कार्ड, 184 एटीएम कार्ड और कई बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े 35 एनसीआरपी शिकायतों में करीब 40 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है। इसके अलावा पुलिस ने फर्जी डेटिंग क्लब और वीआईपी मेंबरशिप के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का भी पर्दाफाश किया। आरोपी टेलीग्राम और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को झांसा देकर रकम को क्रिप्टोकरेंसी यूएसडीटी में बदल देते थे। इस मामले में सचिन रावत, अक्षय कुमार बलियान और कार्तिकेय चौधरी को गिरफ्तार किया गया। वहीं एक अन्य गिरोह बुजुर्गों को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करता था। पुलिस ने इस मामले में अशोक कुमार, सूरज कुमार, दीपु कुमार और विवेक कुमार को गिरफ्तार किया है।

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