गैंगस्टर हाशिम बाबा गैंग के 2 शार्प शूटर दबोचे, हथियार और कारतूस बरामद

top-news
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाशिम बाबा गिरोह के दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पिस्टल, देसी कट्टा और कारतूस बरामद हुए हैं। दोनों सामाजिक माध्यमों पर हथियारों के साथ वीडियो साझा कर इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश करते थे।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर हाशिम बाबा गिरोह से जुड़े दो शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दरियागंज निवासी 22 वर्षीय अथर मिर्जा और अब्दुल अहद के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से एक हाई एंड सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक देसी कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी इलाके में दहशत फैलाने और गिरोह का खौफ कायम करने के लिए हथियारों के साथ वीडियो और रील बनाकर सामाजिक माध्यमों पर साझा करते थे। इनके खिलाफ धमकी देने और फायरिंग करने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।


सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने बिछाया जाल

क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम को 24 मई को सूचना मिली थी कि हाशिम बाबा गिरोह से जुड़े दो बदमाश दिल्ली में आने वाले हैं। इसके बाद इंस्पेक्टर मन सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम के नेतृत्व में टीम ने रामेश पार्क और पुस्ता रोड इलाके में जाल बिछाया। शाम करीब पांच बजे दोनों संदिग्ध वहां पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें घेरकर दबोच लिया। तलाशी के दौरान अथर मिर्जा के पास से सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और तीन कारतूस मिले, जबकि अब्दुल अहद के पास से एक देसी कट्टा और एक कारतूस बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है और उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।


कम उम्र से अपराध की दुनिया में सक्रिय था अथर

पुलिस जांच में सामने आया कि अथर मिर्जा कम उम्र से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय था। वह 15 साल की उम्र में पहली बार चाकूबाजी के मामले में पकड़ा गया था। इसके बाद उसका नाम फायरिंग, हत्या के प्रयास और हिंसक झगड़ों के कई मामलों में सामने आया। जेल में रहने के दौरान उसका संपर्क हाशिम बाबा गिरोह से हुआ और बाहर आने के बाद उसने गिरोह के लिए काम करना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, अथर के दोनों भाई भी हत्या और लूट जैसे मामलों में जेल में बंद हैं। वहीं अब्दुल अहद ने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और गलत संगत में पड़ गया। पहले वह मोबाइल छीनने की घटनाओं में शामिल रहा और बाद में हत्या के मामले में भी जेल गया। जेल में ही उसकी दोस्ती अथर से हुई और फिर वह भी इस गिरोह का हिस्सा बन गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *