गाजियाबाद में जमीन हड़पने की साजिश का पर्दाफाश, रिटायर्ड लेखपाल समेत कई गिरफ्तार, 20 करोड़ की बताई जा रही जमीन
- Shiv Kumar
- 09 Jun, 2026
गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र स्थित अर्थला इलाके में करोड़ों रुपये की जमीन को फर्जी तरीके से बेचने की साजिश का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में एक संगठित गैंग को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक रिटायर्ड लेखपाल भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक और अन्य कई कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था में फर्जीवाड़े की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच, सामने आया बड़ा खेल
यह मामला तब सामने आया जब नोएडा सेक्टर-15ए निवासी राजकुमार अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत में बताया गया कि साहिबाबाद के अर्थला क्षेत्र में उनकी करोड़ों रुपये की जमीन पर कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने और बेचने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को जमीन का मालिक बताकर राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर करने की कोशिश की और नकली पहचान पत्र तैयार कर लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना को सौंपी गई, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी।
हापुड़ से जुड़ा सरगना, रिटायर्ड लेखपाल की अहम भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे गैंग का मास्टरमाइंड हापुड़ निवासी सुरेंद्र सिंह है, जो खुद को जमीन का मालिक बताकर फर्जीवाड़े को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था। जांच में यह भी पता चला कि इस साजिश में एक रिटायर्ड लेखपाल सतवीर सिंह की भूमिका बेहद अहम रही। आरोप है कि लेखपाल ने अपने पद और अनुभव का दुरुपयोग करते हुए राजस्व रिकॉर्ड की जानकारी का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद की। इसके अलावा शशि गुप्ता नामक ब्रोकर की भी भूमिका सामने आई है, जिसने इस जमीन को बेचने की योजना को आगे बढ़ाया।
फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन बेचने की थी साजिश
पुलिस के अनुसार गैंग ने राजकुमार अग्रवाल के नाम पर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता और अन्य दस्तावेज तैयार किए थे। इसके बाद जमीन को बेचने के लिए संभावित खरीदारों को दिखाने की योजना बनाई गई थी। आरोपियों ने यहां तक कि दस्तावेजों को वैध दिखाने के लिए अखबार में विज्ञापन और शिकायतों का सहारा भी लिया, ताकि असली मालिक की पहचान को कमजोर किया जा सके। यह भी सामने आया कि जमीन की कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई जा रही थी और इसे हड़पने की पूरी योजना काफी सुनियोजित तरीके से बनाई गई थी।
कई राज्यों से जुड़े आरोपी, पुलिस कर रही आगे की जांच
इस मामले में पुलिस ने कुल 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें हापुड़, बीकानेर, महाराष्ट्र और दिल्ली से जुड़े लोग शामिल हैं। इनमें रमेश, वेंकट बालकृष्ण धाकपाड़े, अरुण कुमार शिवालाल बाहेती, राजे खान, जाकिर हुसैन, सादिक, हनुमान और अली जाफर जैसे नाम शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है जो अलग-अलग राज्यों में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े को अंजाम देता था। डीसीपी धवल जायवाल के अनुसार सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
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