दिल्ली-NCR में पुराने ट्रक-बस बदलने पर 8% तक छूट, DICV भी सरकारी योजना में शामिल

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दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रक और बसों को हटाकर नए वाहन लेने वालों के लिए केंद्र की योजना मजबूत हुई

नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में पुराने ट्रक और बसों को सड़कों से हटाने की मुहिम को अब और गति मिलने जा रही है। केंद्र सरकार की वाहन प्रतिस्थापन (रिप्लेसमेंट) योजना के तहत अब डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स (DICV) भी शामिल हो गया है। कंपनी ने घोषणा की है कि योजना के पात्र ग्राहकों को BharatBenz ट्रकों और बसों की एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। माना जा रहा है कि यह कदम प्रदूषण कम करने और पुराने कमर्शियल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की दिशा में अहम साबित होगा।

खरीददारों को मिलेगा सीधा फायदा

जानकारी के अनुसार, यह लाभ उन ट्रांसपोर्टरों और ऑपरेटर्स को मिलेगा जो अपने पुराने ट्रक या बस को हटाकर नया वाहन खरीदेंगे। DICV की ओर से दी जा रही 8 प्रतिशत की छूट केवल दिल्ली-एनसीआर में लागू रिप्लेसमेंट कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र वाहनों पर लागू होगी। इससे नए कमर्शियल वाहन खरीदने की लागत कम होगी और परिवहन कारोबारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।

प्रदूषण नियंत्रण पर सरकार का फोकस

दिल्ली-एनसीआर लंबे समय से वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने डीजल चालित ट्रक और बसें प्रदूषण के बड़े स्रोतों में शामिल हैं। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार स्क्रैपेज नीति और वाहन प्रतिस्थापन कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है। सरकार की कोशिश है कि पुराने वाहनों की जगह आधुनिक और कम उत्सर्जन वाले वाहन सड़कों पर उतरें।

वाहन कंपनियों के लिए भी अवसर

ऑटोमोबाइल सेक्टर के जानकारों का कहना है कि यह योजना केवल पर्यावरण सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि वाहन निर्माताओं के लिए भी बड़ा अवसर है। रिप्लेसमेंट की बढ़ती मांग से नए वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। BharatBenz जैसे ब्रांडों का इस पहल में शामिल होना संकेत देता है कि उद्योग अब इस नीति को सकारात्मक व्यावसायिक अवसर के रूप में देख रहा है।

ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की बढ़ेंगी उम्मीदें

इस योजना से ट्रांसपोर्ट कारोबारियों को दोहरा असर देखने को मिलेगा। एक ओर नए वाहन खरीदने पर छूट मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पुराने वाहनों को बदलने का दबाव भी बढ़ेगा। दिल्ली-एनसीआर में काम कर रहे फ्लीट मालिकों के लिए यह समय अपने वाहन बेड़े को आधुनिक बनाने का अवसर माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में और कौन-कौन सी वाहन कंपनियां इस कार्यक्रम से जुड़ती हैं और सरकार इस योजना का दायरा कितना बढ़ाती है।

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