BAT BMS App पर मचा बवाल, क्या ब्लूटूथ से दूर बैठे कोई भी लॉक कर सकता है ई-रिक्शा? ड्राइवरों की बढ़ी चिंता
- Shiv Kumar
- 03 Jul, 2026
ई-रिक्शा चालकों के बीच इन दिनों एक मोबाइल ऐप को लेकर बड़ी बहस छिड़ी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि BAT-BMS नाम के ऐप की मदद से ब्लूटूथ के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से लॉक किया जा सकता है। इन दावों के बीच उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में कई ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि उनके वाहन अचानक चलते-चलते बंद हो रहे हैं। इस घटना के बाद ड्राइवरों के साथ-साथ बैटरी कंपनियों और इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि अब तक किसी सरकारी एजेंसी या पुलिस जांच में यह पुष्टि नहीं हुई है कि इन घटनाओं के पीछे BAT-BMS ऐप ही जिम्मेदार है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ी हलचल, चालकों ने पुलिस से लगाई गुहार
बिजनौर के नगीना क्षेत्र में पिछले दो दिनों के दौरान कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की कि उनके वाहन बिना किसी चेतावनी के अचानक लॉक या बंद हो रहे हैं। चालकों का कहना है कि इससे न केवल उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है, बल्कि सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। बड़ी संख्या में चालक डबल फाटक स्थित पुलिस चौकी पहुंचे और मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगीना में करीब एक हजार परिवार ई-रिक्शा चलाकर जीवनयापन करते हैं, ऐसे में यदि यह समस्या लगातार बनी रहती है तो हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस मामले को और अधिक चर्चा का विषय बना दिया है।
क्या है BAT-BMS ऐप और कैसे करता है काम?
BAT-BMS एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे चीन की कंपनी शेन्ज़ेन ग्रीनएनर्जी टेक्नोलॉजी ने स्मार्ट लिथियम बैटरियों की निगरानी के लिए विकसित किया है। यह ऐप बैटरी का चार्जिंग लेवल, वोल्टेज, तापमान, डिस्चार्ज करंट और अन्य तकनीकी जानकारी दिखाता है। कुछ स्मार्ट बैटरियों में चार्जिंग ऑन-ऑफ जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होती हैं। तकनीकी परीक्षण के दौरान ऐप में किसी भी ई-रिक्शा को सीधे लॉक करने का स्पष्ट विकल्प नहीं मिला। कंट्रोल सेक्शन खोलने पर पासवर्ड की जरूरत पड़ती है और बिना अधिकृत एक्सेस के आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं होती। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी ब्लूटूथ डिवाइस से जुड़ने के लिए पहले उसकी पेयरिंग और अनुमति जरूरी होती है। इसलिए बिना अनुमति किसी भी राह चलते ई-रिक्शा को नियंत्रित करना सामान्य परिस्थितियों में संभव नहीं माना जाता।
जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में चल रहे अधिकांश ई-रिक्शा सामान्य लिथियम या लीड-एसिड बैटरियों का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट बीएमएस मौजूद नहीं होता। केवल कुछ आधुनिक बैटरियों में ही यह सुविधा दी जाती है। नगीना थाना पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ई-रिक्शा बंद होने की घटनाओं का सीधा संबंध BAT-BMS ऐप से है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसके पीछे तकनीकी खराबी, बैटरी, कंट्रोलर या कोई अन्य वजह जिम्मेदार है। ऐसे में वायरल दावों पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना ही उचित होगा।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






