गाजियाबाद में 7 वर्षीय बच्ची हत्याकांड: कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, जांच में कई नए खुलासे
- Shiv Kumar
- 13 Jul, 2026
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित निर्माणाधीन मॉल में सात वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रविवार को गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे कई तथ्य मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने की योजना पहले से बना रखी थी।
बच्चों से पहले बढ़ाई दोस्ती, खाने का लालच देकर बनाया भरोसा
मृत बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया कि उनके 10 वर्षीय बेटे ने जानकारी दी है कि दोनों आरोपी पिछले करीब 10 दिनों से बच्चों के संपर्क में थे। वे अक्सर उन्हें खाने-पीने का सामान दिलाकर अपना विश्वास जीत रहे थे। घटना वाले दिन भी दोनों बच्चों को समोसा खिलाया गया। इसी दौरान एक आरोपी बहाने से बच्ची को अपने साथ ले गया, जबकि उसके भाई को घर भेज दिया। दुकान संचालक ने भी इस बात की पुष्टि की है। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में शाम करीब 7:40 बजे आरोपी बच्ची के साथ जाते हुए दिखाई दिए हैं।
गार्ड और प्रबंधन की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस जांच में सामने आया कि निर्माणाधीन मॉल और झुग्गियों के बीच की दूरी बहुत कम है। घटना की रात मॉल में नाइट शिफ्ट नहीं चल रही थी, फिर भी आरोपी बच्ची को परिसर के अंदर ले जाने में सफल रहे। जिस रास्ते से वे ऊपर पहुंचे, वहां सुरक्षा गार्ड तैनात था। परिवार ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सिक्योरिटी इंचार्ज ने सुरक्षा की जिम्मेदारी मेंटेनेंस टीम पर डाल दी, जबकि मेंटेनेंस इंचार्ज ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। पुलिस यह भी जांच रही है कि दोनों आरोपी साइट पर कब से काम कर रहे थे, क्योंकि उनका पुलिस सत्यापन भी नहीं कराया गया था।
संघर्ष के मिले संकेत, घटनास्थल से अहम साक्ष्य बरामद
जांच के दौरान पुलिस को तीसरी मंजिल पर उस कमरे में खून के निशान मिले, जहां बच्ची के साथ अपराध किए जाने की आशंका है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि बच्ची ने आरोपियों का विरोध किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पाइप से हमला करने के बाद शव को बेसमेंट की ओर फेंक दिया था। घटनास्थल के आसपास बीयर की खाली केन और गिलास भी मिले हैं। स्थानीय मजदूरों का आरोप है कि रात के समय परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी नहीं रहती।
आरोपी की उम्र पर भी हुआ खुलासा, डीएनए जांच शुरू
जांच के दौरान आरोपी विनय ने खुद को नाबालिग बताने की कोशिश की, लेकिन मेडिकल परीक्षण और दस्तावेजों की जांच में उसकी उम्र 18 वर्ष पाई गई। इसके बाद पुलिस ने उसे बालिग मानते हुए आगे की कार्रवाई की। दोनों आरोपियों के डीएनए सैंपल लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं। डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि फिलहाल दो आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है, जबकि अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
परिवार ने दोषियों को फांसी देने की मांग की
बेटी का अंतिम संस्कार करने के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी आर्थिक सहायता की जरूरत नहीं, बल्कि न्याय चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम के साथ ऐसी घटना न हो। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भी घटनास्थल का दौरा कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
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