दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर हैंड बैगेज में छिपाकर रखी थी बंदर की खोपड़ी, CISF की स्क्रीनिंग में खुला राज, यात्री पुलिस के हवाले
- Shiv Kumar
- 12 Aug, 2026
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों की सतर्कता से एक यात्री के हैंड बैगेज में छिपाकर रखी गई संदिग्ध वस्तु पकड़ी गई। सुरक्षा जांच के दौरान बैग के अंदर खोपड़ी जैसी चीज दिखाई देने के बाद जवानों ने यात्री से पूछताछ की। यात्री को दिल्ली से हैदराबाद की यात्रा करनी थी। जांच के दौरान जब बैग में रखी वस्तु के बारे में सवाल किया गया तो यात्री ने बताया कि यह बंदर की खोपड़ी है। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा बल ने यात्री को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया।
सुरक्षा जांच के दौरान बैग में दिखी संदिग्ध चीज
हवाईअड्डे पर यात्रियों की नियमित सुरक्षा जांच चल रही थी। इसी दौरान सुरक्षा जांच में लगे जवानों की नजर यात्री के हैंड बैगेज के अंदर रखी एक संदिग्ध वस्तु पर पड़ी। स्क्रीनिंग के दौरान वस्तु का आकार सामान्य सामान से अलग दिखाई दिया, जिसके बाद बैग को जांच के लिए रोका गया। सुरक्षा कर्मियों ने यात्री से पूछताछ की और बैग की जांच की। जांच के बाद अंदर से खोपड़ी जैसी वस्तु बरामद हुई। मामला सामने आते ही संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। यात्री से यह भी पूछा गया कि उसने यह वस्तु अपने सामान में क्यों रखी थी और इसे कहां से हासिल किया था। हालांकि, मामले में आगे की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
पूछताछ में यात्री ने बताई बंदर की खोपड़ी
सुरक्षा कर्मियों की पूछताछ में यात्री ने बरामद वस्तु को बंदर की खोपड़ी बताया। इसके बाद मामला केवल हवाईअड्डे की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वन्यजीव से जुड़े नियमों के तहत भी कार्रवाई का विषय बन गया। सुरक्षा बल ने वस्तु की प्रकृति और उसके संभावित वन्यजीव संबंध को देखते हुए मामले को आगे की जांच के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया। अधिकारियों की ओर से यह कदम इसलिए उठाया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि खोपड़ी यात्री के पास कैसे पहुंची और इसे अपने साथ ले जाने की अनुमति थी या नहीं। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत होगी आगे की कार्रवाई
मामले में यात्री को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंपा गया है। जांच एजेंसियां अब बरामद खोपड़ी की वास्तविक पहचान और उसके स्रोत से जुड़ी जानकारी जुटा सकती हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि यात्री के पास इसे रखने या ले जाने से संबंधित कोई वैध अनुमति थी या नहीं। हवाईअड्डे पर सुरक्षा जांच के दौरान हुई इस बरामदगी ने एक बार फिर सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता को सामने रखा है। समय रहते संदिग्ध वस्तु का पता चलने से मामले को आगे की जांच के लिए संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाया गया।
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