नागपुर से दिल्ली आए शख्स का ऑटो में छूटा 2.5 लाख से भरा बैग, मेहरौली पुलिस ने CCTV से 10 घंटे में बरामद किया
- Shiv Kumar
- 19 Aug, 2026
नागपुर से दिल्ली आए एक व्यक्ति का 2.5 लाख रुपये नकद से भरा बैग ऑटो में छूट गया। सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि यात्री को ऑटो का नंबर तक याद नहीं था। ऐसे में उसके लिए बैग वापस मिलना काफी मुश्किल लग रहा था। यात्री ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद मेहरौली थाना पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से ऑटो की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने लगातार फुटेज खंगाली और करीब 10 घंटे की मेहनत के बाद उस ऑटो तक पहुंच गई, जिसमें बैग छूटा था। इसके बाद यात्री का बैग और उसमें रखी पूरी रकम सुरक्षित बरामद कर ली गई।
ऑटो का नंबर नहीं था याद, सीसीटीवी बना पुलिस का सहारा
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 10 अगस्त को मामले की जानकारी मिलने के बाद मेहरौली थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। हेड कांस्टेबल सुरेंद्र और कांस्टेबल संजय ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। ऑटो का नंबर नहीं होने के बावजूद पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों की फुटेज को जोड़कर ऑटो की पहचान करने की कोशिश की। लगातार फुटेज देखने के बाद पुलिस संदिग्ध ऑटो तक पहुंचने में सफल रही। इसके बाद ऑटो के मालिक की जानकारी जुटाई गई और पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। पूरी कार्रवाई मेहरौली थाना प्रभारी निरीक्षक विजय पाल दहिया के नेतृत्व और सहायक पुलिस आयुक्त योगिता शर्मा की निगरानी में की गई।
यात्री सीट के पीछे मिला नकदी से भरा बैग
पुलिस टीम ने ऑटो की तलाश और जांच के दौरान यात्री सीट के पीछे बैग बरामद कर लिया। बैग खोलने पर उसमें पूरे 2.5 लाख रुपये नकद सुरक्षित मिले। पुलिस के मुताबिक, ऑटो चालक को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि कोई यात्री अपना बैग उसके ऑटो में छोड़ गया है। पुलिस ने बैग और नकदी को सुरक्षित कब्जे में लेने के बाद उसके वास्तविक मालिक की पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी की। करीब 10 घंटे के भीतर बैग मिलने से यात्री सूरज को बड़ी राहत मिली। रकम उसके लिए महत्वपूर्ण थी, इसलिए बैग वापस मिलने के बाद उसने पुलिस का आभार जताया।
पुलिस ने मालिक को लौटाया पूरा सामान
दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त ने बताया कि ऑटो का नंबर उपलब्ध नहीं होने के बावजूद टीम ने तकनीकी और सीसीटीवी जांच के जरिए मामले को सुलझाया। पुलिस ने बैग में रखी पूरी रकम की जांच करने के बाद उसे उसके मालिक सूरज को वापस सौंप दिया। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सामने आया कि किसी घटना के बाद समय पर सूचना मिलने और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज का सही तरीके से इस्तेमाल करने से पुलिस को काफी मदद मिल सकती है। मेहरौली पुलिस के अनुसार, लोगों की मदद करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है और इस मामले में टीम ने उसी जिम्मेदारी को निभाया।
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