खेसारी लाल यादव और आम्रपाली दुबे का ‘पलंग सागवान के’ फिर चर्चा में, यूट्यूब पर 64.6 करोड़ से ज्यादा व्यूज
- Babli Ansari
- 05 Sep, 2026
नई दिल्ली। भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव और आम्रपाली दुबे का गाना ‘पलंग सागवान के’ एक बार फिर सोशल मीडिया की सुर्खियों में है। इंस्टाग्राम पर इस ट्रैक पर बनी रील्स तेजी से वायरल हो रही हैं और दर्शकों की एक नई पीढ़ी इस पुराने हिट को फिर से सुन रही है। यूट्यूब पर इसके व्यूज अब 64.6 करोड़ के पार पहुंच चुके हैं, जो भोजपुरी म्यूजिक की डिजिटल ताकत को साफ दिखाता है। फिल्मी गानों की भीड़ में यह ट्रैक लगातार अपनी जगह बनाए हुए है और यही वजह है कि रिलीज के लंबे वक्त बाद भी इसका असर कम नहीं पड़ा।
गाने की लोकप्रियता फिर लौटी, सोशल मीडिया पर नया उफान
जानकारी के मुताबिक ‘पलंग सागवान के’ को लेकर चर्चा सिर्फ व्यूज तक सीमित नहीं है। इंस्टाग्राम रील्स ने इस गाने को दोबारा ट्रेंडिंग लिस्ट में ला दिया है और तमाम यूजर्स इस पर छोटे-छोटे वीडियो बना रहे हैं। जगत में भोजपुरी गानों की पकड़ हमेशा से मजबूत रही है, लेकिन इस ट्रैक ने जिस तरह से हर बार नई लाइफ पाई है, वह अलग कहानी कहता है। खेसारी लाल यादव की आवाज, आम्रपाली दुबे की स्क्रीन प्रेजेंस और गाने की देसी धुन ने इसे ऐसा कॉम्बिनेशन दिया, जो सीधे दर्शकों के दिल में उतरता है। सूत्रों के अनुसार यही वजह है कि पुराना होने के बावजूद यह नंबर आज भी नए कंटेंट को टक्कर दे रहा है।
भोजपुरी संगीत का बड़ा सच यही है कि हिट गाना केवल रिलीज के वक्त नहीं चलता, बल्कि इंटरनेट उसे बार-बार वापस लेकर आता है। ‘पलंग सागवान के’ के साथ भी यही हुआ है। यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि एक पॉप कल्चर फिनॉमेनन बन चुका है। आम्रपाली दुबे और खेसारी लाल यादव की जोड़ी पहले भी कई सफल गीतों में दिख चुकी है, लेकिन इस ट्रैक ने अलग स्तर की पकड़ बनाई। बताया जा रहा है कि यही वायरलिटी अब नए दर्शकों को भी भोजपुरी म्यूजिक की तरफ खींच रही है।
भोजपुरी म्यूजिक के लिए बड़ा संकेत, बाजार भी देख रहा रफ्तार
इस गाने की दोबारा चर्चा से भोजपुरी संगीत उद्योग के लिए एक साफ संदेश गया है कि मजबूत कंटेंट समय के साथ पुराना नहीं पड़ता। डिजिटल प्लेटफॉर्म ने क्षेत्रीय संगीत की पहुंच को कई गुना बढ़ा दिया है और ‘पलंग सागवान के’ जैसे गाने उसी बदलाव के सबसे बड़े उदाहरण बन गए हैं। जिस तरह इंस्टाग्राम पर छोटे वीडियो किसी पुराने ट्रैक को नई जान दे रहे हैं, उससे म्यूजिक कंपनियों और कलाकारों दोनों की नजर अब रील-फ्रेंडली कंटेंट पर और भी टिक गई है। यह ट्रेंड सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भोजपुरी इंडस्ट्री के लिए ब्रांड वैल्यू का सवाल भी बन गया है।
अगले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि रील्स की यह लहर कितनी देर टिकती है, लेकिन मौजूदा रफ्तार बताती है कि ‘पलंग सागवान के’ अभी खत्म नहीं हुआ है। सोशल मीडिया की ताकत ने इस गाने को फिर से नई पीढ़ी तक पहुंचा दिया है और पुराने दर्शकों को भी दोबारा जोड़ दिया है। भोजपुरी के कई गाने आते-जाते रहते हैं, लेकिन कुछ ही ऐसे होते हैं जो सालों बाद भी चर्चा में लौट आते हैं। खेसारी लाल यादव और आम्रपाली दुबे का यह गाना उसी खास कतार में शामिल होता दिख रहा है, जहां हिट केवल सुना नहीं जाता, बल्कि बार-बार देखा और साझा किया जाता है।
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