UN में नेतन्याहू के भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि बाहर निकले, हूटिंग के बीच 3 मिनट रुके, बोले- कायर बाहर चले जाएं
- Shiv Kumar
- 25 Sep, 2026
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण की शुरुआत गुरुवार को विरोध के बीच हुई। जैसे ही वह मंच की ओर बढ़े, महासभा कक्ष से दर्जनों देशों के प्रतिनिधि बाहर निकलने लगे। इस दौरान हूटिंग और विरोध के स्वर भी सुनाई दिए। फिलिस्तीनी मिशन ने पहले ही सदस्य देशों से नेतन्याहू के भाषण के दौरान सामूहिक रूप से सदन से बाहर निकलने की अपील की थी। बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों के बाहर जाने के बाद महासभा कक्ष की कई सीटें खाली दिखाई दीं। इसके बावजूद नेतन्याहू ने भाषण जारी रखा। उन्होंने बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों को “मोरल कायर” कहा और बचे हुए लोगों से भी बाहर चले जाने को कहा। दूसरी ओर, गैलरी में मौजूद उनके समर्थकों ने तालियों और इजराइली समर्थन के नारों के साथ उनका स्वागत किया।
करीब तीन मिनट तक खड़े रहे नेतन्याहू
नेतन्याहू के मंच पर पहुंचते ही बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों के बाहर जाने का सिलसिला शुरू हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ प्रतिनिधि भाषण शुरू होने से पहले ही बाहर निकल गए। इस विरोध के बीच नेतन्याहू कुछ समय तक मंच पर खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने भाषण शुरू किया और बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर सदन में कोई और “मोरल कायर” है, तो वह भी बाहर चला जाए। महासभा अध्यक्ष की ओर से व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की गई। दूसरी तरफ, गैलरी में बैठे नेतन्याहू समर्थकों ने उनका स्वागत किया और हिब्रू में ‘अम यिसराइल चाई’ यानी ‘इजराइल की जनता जिंदा है’ के नारे लगाए। इस तरह भाषण की शुरुआत ही विरोध और समर्थन के आमने-सामने आने से हुई।
गाजा कार्रवाई और नरसंहार के आरोप पर क्या बोले
अपने भाषण में नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले का जिक्र करते हुए गाजा में इजराइली सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इजराइल के दुश्मनों को लगा था कि देश टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने गाजा में इजराइल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को खारिज किया और इसे “सदी का सबसे बड़ा झूठ” बताया। यह नेतन्याहू का दावा है; वहीं संयुक्त राष्ट्र की एक जांच समिति पहले इजराइल पर गाजा में नरसंहार के आरोप लगा चुकी है, जिसे इजराइल ने खारिज किया है। नेतन्याहू ने अपने भाषण में ईरान और लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई का भी बचाव किया और कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करना उनके लिए बेहद जरूरी फैसला था।
पेजर और स्टारलिंक का जिक्र, ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संदेश
नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइली कार्रवाई का जिक्र करते हुए एक पेजर भी दिखाया। इसके बाद उन्होंने ईरान के शासन और वहां इंटरनेट सेंसरशिप को लेकर बात की। उन्होंने स्टारलिंक का एक संचार उपकरण दिखाते हुए कहा कि इसके जरिए ईरानी लोग इंटरनेट और सोशल मीडिया तक पहुंच बना सकते हैं। नेतन्याहू ने कहा कि वह यह उपकरण संयुक्त राष्ट्र में छोड़कर जाएंगे, ताकि इसे ईरानी प्रतिनिधिमंडल तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने दावा किया कि अगर ईरानी अधिकारी अपने शासन से अलग होते हैं तो वे स्टारलिंक के जरिए अपनी बात दुनिया तक पहुंचा सकेंगे। अपने भाषण में उन्होंने ईरान के नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा अपने ही लोगों से डर है।
ट्रंप की तारीफ और ममदानी समेत नेताओं पर निशाना
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी तारीफ की और ईरान के खिलाफ कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और कुछ यूरोपीय नेताओं की भी आलोचना की। ममदानी ने नेतन्याहू पर गाजा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज किया। भाषण के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल अपने बचाव के साथ उन देशों की भी सुरक्षा कर रहा है, जिनके प्रतिनिधि उनके भाषण से बाहर चले गए। इस पूरे घटनाक्रम ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में गाजा युद्ध और इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर मौजूद गहरे अंतर को सामने ला दिया।
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