1995 के बाद तमिलनाडु के थेनी जेल से फरारी की दूसरी बड़ी घटना, 17 कैदी भागे, चार गिरफ्तार, बाकी की तलाश तेज
- Shiv Kumar
- 27 Oct, 2026
तमिलनाडु के थेनी जिले की सब-जेल से सोमवार देर रात 17 कैदी पुलिसकर्मियों पर हमला कर फरार हो गए। रातभर चले सर्च ऑपरेशन में चार कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाकी 13 की तलाश जारी है। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए 17 विशेष टीमें बनाई हैं। घटना में तीन जेलकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस आसपास के जिलों में चेकपोस्ट लगाकर वाहनों की जांच कर रही है।
कैदियों ने तबीयत खराब होने का बहाना बनाया, कर्मचारियों पर किया हमला
साउथ जोन के पुलिस महानिरीक्षक विजयेंद्र बिदारी के मुताबिक, फरार हुए सभी 17 कैदी एक ही सेल में बंद थे। सोमवार देर रात जेल कर्मचारियों को सूचना दी गई कि एक कैदी की तबीयत खराब है और उसे दौरे पड़ रहे हैं। इसके बाद कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी सेल का दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, कैदी पहले से हमले की तैयारी में थे। कर्मचारियों के अंदर आते ही उन्होंने उन पर हमला कर दिया और मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। रातभर की कार्रवाई में चार कैदियों को पकड़ लिया गया। बाकी 13 कैदियों का पता लगाने के लिए 17 विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस फरार कैदियों की तलाश में आसपास के इलाकों में अभियान चला रही है।
हमले में तीन जेलकर्मी घायल, एक पुलिसकर्मी अस्पताल में भर्ती
कैदियों के हमले में तीन जेलकर्मी घायल हुए हैं। इनमें थेनी जिला जेल में तैनात ग्रेड-II पुलिसकर्मी थंगापांडी भी शामिल हैं। उनके सिर में चोट आई है, जिसके बाद उन्हें जी. विलाक्कु के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना में घायल दो अन्य जेलकर्मियों को भी मामूली चोटें आई हैं। पुलिस मामले की जांच के साथ फरार कैदियों को पकड़ने में जुटी है। अधिकारियों ने आसपास के जिलों की पुलिस को भी सतर्क कर दिया है, ताकि कैदियों के दूसरे इलाकों में पहुंचने की आशंका को देखते हुए समय रहते कार्रवाई की जा सके। फरार कैदियों की तस्वीरें पुलिस थानों के बीच साझा की गई हैं। पुलिस अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
डिंडीगुल में 16 चेकपोस्ट, वाहनों की जांच कर रही पुलिस
कैदियों के फरार होने के बाद आसपास के जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पड़ोसी डिंडीगुल जिले में 16 स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं। यहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि फरार कैदियों की आवाजाही का पता लगाया जा सके। डिंडीगुल के पुलिस अधीक्षक एस. जयकुमार ने चेकपोस्ट बनाए जाने की पुष्टि की है। पुलिस ने मदुरै और डिंडीगुल के साथ-साथ केरल के इडुक्की जिले के अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी है। सभी पुलिस थानों को फरार कैदियों की तस्वीरें भेजी गई हैं, जिससे पहचान करने और उनकी तलाश में मदद मिल सके। पुलिस की 17 विशेष टीमें बाकी 13 कैदियों को पकड़ने के लिए काम कर रही हैं। फिलहाल तलाश अभियान जारी है।
1995 में वेल्लोर से 43 LTTE संदिग्ध हुए थे फरार
तमिलनाडु में कैदियों के फरार होने की मौजूदा घटना को 1995 के बाद की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक माना जा रहा है। वर्ष 1995 में वेल्लोर किले के भीतर बने विशेष हिरासत शिविर से LTTE संगठन के 43 संदिग्ध सुरंग बनाकर फरार हो गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उस सुरंग की लंबाई करीब 153 फीट यानी 47 मीटर थी। उस घटना के बाद से कैदियों के फरार होने की मौजूदा घटना को भी गंभीर माना जा रहा है। थेनी की सब-जेल में हुई घटना के बाद पुलिस फरार कैदियों को पकड़ने और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल चार कैदियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि बाकी 13 की तलाश जारी है। पुलिस की जांच और तलाशी अभियान के बाद ही घटना से जुड़े बाकी तथ्यों की जानकारी सामने आएगी।
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