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प्राधिकरण में अधिकारियों से संबंध बताकर करोड़ों की ठगी का आरोप, नोएडा में डॉक्टर और उनकी पत्नी के खिलाफ FIR दर्ज

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नोएडा में डॉक्टर नितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी राबिन गौर पर 24 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने प्लॉट, ग्रुप हाउसिंग और जेवर एयरपोर्ट पर दुकान दिलाने के नाम पर रकम लेने का आरोप लगाया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

नोएडा में एक डॉक्टर और उनकी पत्नी के खिलाफ 24 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सेक्टर-132 के रोहिल्लापुर गांव निवासी मनोज कुमार ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर नितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी राबिन गौर ने नोएडा और यमुना प्राधिकरण में कमर्शियल और ग्रुप हाउसिंग प्लॉट दिलाने के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये लिए। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल पर फूड कोर्ट और वाइन शॉप दिलाने का भरोसा देकर भी बड़ी रकम ली गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया था। इसी भरोसे पर उन्होंने अलग-अलग योजनाओं में निवेश और आवंटन के लिए पैसे दिए, लेकिन न तो कोई प्लॉट मिला और न ही अन्य संपत्ति। पीड़ित ने आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के आधार पर थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने डॉक्टर नितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी राबिन गौर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जानी है।


सरकारी अधिकारियों से संबंध बताकर प्लॉट दिलाने का दिया भरोसा

पुलिस को दी शिकायत में मनोज कुमार ने बताया कि उनकी मुलाकात डॉक्टर नितेंद्र सिंह से वाजिदपुर गांव में हुई थी। डॉक्टर ने उनसे जेएस हॉस्पिटल किराये पर लेकर उसका संचालन शुरू किया था। इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी। मनोज के मुताबिक, डॉक्टर ने दावा किया कि उनके उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से करीबी संबंध हैं। वह प्राधिकरण में रुके हुए काम आसानी से करवा सकते हैं और मेडिकल डिवाइस पार्क में प्लॉट भी दिलवा सकते हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉक्टर की पत्नी राबिन गौर भी इसी तरह की बातें करती थीं। दोनों की बातों पर भरोसा करके उन्होंने अलग-अलग कामों के लिए रुपये देने शुरू कर दिए। शिकायत के अनुसार, 11 दिसंबर 2022 को मेडिकल डिवाइस पार्क में प्लॉट दिलाने के नाम पर छह लाख रुपये लिए गए। इसके बाद जनवरी से जुलाई 2023 के बीच सेक्टर-61 स्थित डी-20 के 550 वर्ग मीटर के कमर्शियल प्लॉट का रद्द आवंटन बहाल कराने के नाम पर 2.80 करोड़ रुपये लेने का आरोप है।


किसान कोटे और कमर्शियल प्लॉट के नाम पर करोड़ों रुपये लेने का आरोप

मनोज कुमार ने शिकायत में बताया कि अगस्त 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच किसान कोटे के तहत अतिरिक्त पांच प्रतिशत प्लॉट आवंटित कराने के नाम पर उनसे 5.70 करोड़ रुपये लिए गए। इसके अलावा जुलाई से दिसंबर 2023 के बीच 2140 वर्ग मीटर का कमर्शियल प्लॉट दिलाने के नाम पर 4.50 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने अलग-अलग योजनाओं में प्लॉट दिलाने का भरोसा देकर लगातार रकम ली। उन्होंने दावा किया कि प्राधिकरण में उनके संपर्क होने के कारण आवंटन से जुड़े काम पूरे हो जाएंगे। मनोज का आरोप है कि बड़ी रकम देने के बावजूद कोई आवंटन नहीं कराया गया। जब उन्होंने काम की प्रगति और संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी तो उन्हें आश्वासन दिया जाता रहा। शिकायतकर्ता का कहना है कि लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी उन्हें न तो संबंधित प्लॉट मिले और न ही दिए गए रुपये वापस किए गए।


जेवर एयरपोर्ट पर फूड कोर्ट और वाइन शॉप दिलाने का भी दिया झांसा

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि डॉक्टर दंपती ने जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल पर फूड कोर्ट और वाइन शॉप दिलाने के नाम पर भी उनसे करोड़ों रुपये लिए। मनोज कुमार के अनुसार, मार्च 2023 से जुलाई 2026 के बीच इस काम के लिए 5.30 करोड़ रुपये दिए गए। इसके अलावा नवंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ग्रुप हाउसिंग प्लॉट दिलाने के नाम पर 5.70 करोड़ रुपये लेने का आरोप है। शिकायत में बताई गई इन छह मदों की रकम जोड़ने पर कुल 24.06 करोड़ रुपये होते हैं। मनोज का कहना है कि इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी किसी योजना में उन्हें संपत्ति नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर दंपती ने उनके पैसों का इस्तेमाल बुलंदशहर में वर्ल्ड हॉस्पिटल बनवाने और नोएडा के सेक्टर-128 स्थित किंग्सवुड विला में ए-19 तथा बी-55 नंबर के दो विला खरीदने में किया। हालांकि, इन संपत्तियों की खरीद और धन के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


600 वर्ग गज जमीन की रजिस्ट्री और आठ करोड़ रुपये लेने का भी आरोप

मनोज कुमार ने अपनी शिकायत में जमीन से जुड़ी एक अन्य घटना का भी उल्लेख किया है। उनका आरोप है कि अक्टूबर-नवंबर 2023 में उनकी 600 वर्ग गज जमीन आरोपियों ने अपने नाम रजिस्ट्री करा ली थी। बाद में इस जमीन को पप्पू उर्फ लवकेश नाम के व्यक्ति को बेच दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि जमीन को बचाने के नाम पर भी उनसे आठ करोड़ रुपये लिए गए। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत नहीं करने की बात कहते हुए पैसे लौटाने का भरोसा दिया। मनोज के अनुसार, 26 नवंबर 2025 को लिखित रूप में 21.78 करोड़ रुपये वापस करने की बात कही गई थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि मोबाइल पर हुई बातचीत में डॉक्टर ने 31 करोड़ रुपये लेने की बात स्वीकार की थी और इसकी रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। इन अलग-अलग रकमों और दावों का मिलान पुलिस जांच में होना बाकी है।


रुपये मांगने पर परिवार को धमकी देने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने दोबारा रुपये वापस मांगे तो डॉक्टर नितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी राबिन गौर ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने कहा कि उनके पैसों से अस्पताल और विला खरीदे जा चुके हैं, इसलिए अब वह अपनी रकम भूल जाएं। मनोज का आरोप है कि पुलिस में शिकायत करने या पैसे मांगने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। उन्होंने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से कुछ संदिग्ध लोग उनके घर के आसपास घूम रहे हैं। कुछ लोगों ने रास्ते में रोककर भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। पीड़ित ने थाना एक्सप्रेसवे पुलिस से शिकायत कर रकम वापस दिलाने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने डॉक्टर दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है। उपलब्ध जानकारी में आरोपी पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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