Noida: चुनाव खत्म, विकास ठप! जर्जर सड़क और टूटी नालियां, ग्रामीणों की गुहार “अब तो हमारी सड़क बना दो साहब”

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नोएडा के बरौला गांव और सेक्टर-49 के बीच की सड़क और नालियों की खस्ताहाल हालत ने एक बार फिर प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नोएडा के बरौला गांव और सेक्टर-49 के बीच की सड़क और नालियों की खस्ताहाल हालत ने एक बार फिर प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के वरिष्ठ समाजसेवी चौधरी बीसी प्रधान ने इस मुद्दे को उठाते हुए बताया कि प्रधानी चुनाव खत्म होने के बाद प्राधिकरण गांवों की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। सड़क और नालियों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब लोगों के मकानों को भी नुकसान पहुंचने लगा है।

13-14 साल पहले हुए निर्माण के बाद से नहीं ली गई सुध- बीसी प्रधान 

बीसी प्रधान के मुताबिक, यह सड़क और नालियां करीब 13-14 साल पहले बनाई गई थीं। इसके बाद यहां बड़ी सीवर लाइन डाली गई, लेकिन उसके बाद से किसी ने मरम्मत की सुध नहीं ली। सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं नालियों की दीवारें टूट चुकी हैं और उनमें से पानी रिसकर सीधे घरों की नींव और दीवारों में जा रहा है, जिससे मकानों को गंभीर नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।

अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद माना- हालात बेहद खराब 

बीसी प्रधान ने इस गंभीर समस्या को लेकर वरिष्ठ प्रबंधक कपिल कुमार से शिकायत की, जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए उन्होंने मैनेजर राजीव कुमार और जेई आशीष शर्मा को मौके पर भेजा। जब इन अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि सड़क और नाली की हालत बहुत दयनीय है।

टूटी नालियों का पानी घरों और सड़कों में भर रहा

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका अब पूरी तरह शहरीकरण की तरफ बढ़ चुका है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की हालत गांव जैसी ही बनी हुई है। बरसात के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि टूटी हुई नालियों से पानी निकलकर सड़कों पर भर जाता है और घरों में घुसने लगता है।


जल्द से जल्द हो सड़क की मरम्मत और आरसीसी नालियों का निर्माण 

बीसी प्रधान ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्राधिकरण को जल्द से जल्द इस सड़क की मरम्मत और नई आरसीसी नाली का निर्माण कराना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और कोई बड़ा नुकसान न हो। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो लोग सामूहिक रूप से प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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