नोएडा प्राधिकरण की सख्ती, 12 साल तक प्लॉट पर निर्माण नहीं करने वालों आवंटियों को आवंटन होगा रद

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बोर्ड बैठक में लिया गया निर्णय

Noida: आवासीय और ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर समय से निर्माण न कराने वाले आवंटियों पर प्राधिकरण ने सख्ती दिखाई है। 12 साल का अधिकतम समय विस्तार मिलने के बावजूद जहां निर्माण नहीं हुआ, उन भूखंडों का आवंटन निरस्त करने का निर्णय बोर्ड बैठक में लिया गया है।

10 प्लाट पर नहीं शुरु हुआ निर्माण
नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल की ओर से ऐसे करीब 10 भूखंडों की सूची दी गई है, जो अब भी खाली पड़े हुए हैं। वहीं, 9 भूखंड ऐसे हैं, जिन पर आंशिक निर्माण किया गया है या वे अभी निर्माणाधीन हैं। इन पर आवंटियों को छह माह की अतिरिक्त मोहलत दी गई है ताकि वे निर्माण पूरा कर लें। इस अवधि के बाद उन्हें किसी भी तरह का समय विस्तार नहीं मिलेगा।

कई बार राहत दी जा चुकी है
प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने बताया कि प्राधिकरण ने अब तक आवंटियों को कई तरह की राहत दी। पहले नियम के अनुसार, लीज डीड की शर्तों के तहत आवासीय और ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर निर्माण पूरा न करने की स्थिति में पहले साल के लिए एक प्रतिशत, दूसरे साल के लिए दो प्रतिशत, तीसरे साल के लिए तीन प्रतिशत और चौथे साल के लिए चार प्रतिशत शुल्क लगाकर समय विस्तार दिया जाता था। इसी क्रम में 10 साल तक कुल 10 प्रतिशत शुल्क लेकर मोहलत दी गई। इसके बावजूद कई आवंटियों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया।

आखिरी मौका देने पर भी नहीं चेते बिल्डर
बाद में 208वीं बोर्ड बैठक में संशोधन कर स्पष्ट कर दिया गया कि 12 साल से अधिक समय बीतने के बाद भी जिन आवंटियों ने अधिभोग प्रमाण पत्र नहीं लिया है, उन्हें अंतिम अवसर के रूप में 31 मार्च 2023 तक का समय दिया जाएगा। इसके बावजूद कई आवंटियों ने न तो निर्माण कराया और न ही अधिभोग प्रमाण पत्र लिया।  इसके बाद 214वीं बोर्ड बैठक में तीन माह का अतिरिक्त समय विस्तार देकर आखिरी मौका दिया गया, लेकिन परिणाम नहीं निकला। अब प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि खाली भूखंडों का आवंटन रद्द किया जाएगा। वहीं जिन भूखंडों पर निर्माण चल रहा है, उनके आवंटियों को छह माह के भीतर निर्माण पूरा कर अधिभोग प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनके भूखंड भी निरस्त कर दिए जाएंगे।

खाली पड़े प्लॉटः एम-40/66, एम-41/66, बीएस-149/70, एसके-31/112, डी-18/52, डी-19/52, सी-180/49, ई-98/22/50, डी-169/39/50, डी-166/14/50
निर्माणाधीन या आंशिक रूप से निर्मित प्लाटः बीएच-26/70, जीटी-33/70, एसके-129/112, डी-169/17 सेक्टर-50, सी-78/52, बीआर-20/45, सी-40/14, 01/जीएच-3/105

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