SIT के 7 सवालों के जवाब, प्राधिकरण ने 60 पन्नों में किया तैयार, जल्द ही शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
- Shiv Kumar
- 23 Jan, 2026
नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की कार डूबने से हुई मौत के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के सामने नोएडा प्राधिकरण ने सात बिंदुओं पर अपना विस्तृत जवाब पेश कर दिया है। यह जवाब 60 से अधिक पन्नों का बताया जा रहा है। एसआईटी ने प्राधिकरण से स्पोर्ट्स सिटी परियोजना, प्लॉट आवंटन, ओसी-सीसी, यूटिलिटी सुविधाएं और घटना से पहले व बाद की कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा था। इसके साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई है, जिसे एसआईटी को कल सौंपा जाएगा। अब टीम इन सभी रिपोर्टों का गहन विश्लेषण करेगी, जिसके बाद 24 जनवरी को अंतिम रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
सात बिंदुओं पर मांगा गया था जवाब
एसआईटी ने प्राधिकरण से पूछा था कि स्पोर्ट्स सिटी के 21 प्लॉट कब और किन शर्तों पर आवंटित किए गए, ओसी और सीसी किस आधार पर जारी हुई, सड़क, जलनिकासी, सीवर और सड़क सुरक्षा जैसी सुविधाएं कब विकसित की गईं और पजेशन की स्थिति क्या थी। इसके अलावा युवराज मेहता की मौत से पहले उसी स्थान पर एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद क्या कदम उठाए गए और घटना के तुरंत बाद प्राधिकरण की ओर से क्या कार्रवाई की गई, इस पर भी विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। प्राधिकरण ने इन सभी बिंदुओं पर दस्तावेजों के साथ जवाब एसआईटी को सौंपा है।
डिजास्टर मैनेजमेंट पर भी सवाल
डिजास्टर से जुड़े सवालों पर जिला प्रशासन की ओर से भी अलग से जवाब तैयार किया गया है। इसमें घटना के समय कंट्रोल रूम, फील्ड स्टाफ और संबंधित विभागों के बीच समन्वय, रिस्पॉन्स टाइम, मौके पर पहुंची टीमों की तैनाती और वार रूम की भूमिका का पूरा ब्यौरा शामिल है। हालांकि एसआईटी इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है कि युवराज की कार डूबने के बाद करीब दो घंटे तक रेस्क्यू क्यों नहीं हो पाया। यह भी जांच का विषय है कि जलभराव वाले इलाके को पहले से चिन्हित किया गया था या नहीं और यदि था, तो समय रहते चेतावनी और बैरिकेडिंग क्यों नहीं की गई।
जल्द हो सकती है कार्रवाई, प्रशासन में हलचल
बताया जा रहा है कि एसआईटी ने शुरुआती फैक्ट-फाइंडिंग की जानकारी मुख्यमंत्री को मौखिक रूप से दे दी है। संकेत मिल रहे हैं कि अगले दो दिनों के भीतर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। अब तक इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटाया जा चुका है, जबकि एक जूनियर इंजीनियर की सेवा समाप्त की गई है। जांच में यह भी माना जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण तीनों स्तर पर लापरवाही सामने आई है, जिसकी जिम्मेदारी रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
सेक्टर में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा व्यवस्था
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित सेक्टर में सड़क के दोनों ओर सीमेंट ब्लॉक की बैरिकेडिंग कराई जाएगी। यह प्रक्रिया टेंडर के माध्यम से जल्द शुरू होगी। इसके अलावा घटना स्थल को छोड़कर पूरे सेक्टर और नोएडा के अन्य प्लॉटों में बने गड्ढों से जलनिकासी कराने के निर्देश सभी सर्किल अधिकारियों को दिए गए हैं।
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