नोएडा हादसे में बड़ा एक्शन, दो बिल्डरों के ऑफिस किए गए सील.. अब तक क्या हुआ? जानें सबकुछ
- Shiv Kumar
- 23 Jan, 2026
नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। बुधवार को एसआईटी (विशेष जांच टीम) सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल पर पहुंची, जहां मेरठ जोन के एडीजी भानू भास्कर, मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर ने मौके का गहन निरीक्षण किया। टीम ने जलभराव की स्थिति, सड़क सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट और आसपास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। घटनास्थल से लौटने के बाद एसआईटी ने अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। एसआईटी को पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपनी है, जिससे आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
घटनास्थल पर जांच, प्रशासनिक लापरवाही की परतें खुलीं
एसआईटी की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर यह समझने की कोशिश की कि आखिर युवराज मेहता की कार किस तरह पानी से भरे गड्ढे में डूबी और समय रहते रेस्क्यू क्यों नहीं हो सका। जांच के दौरान जल निकासी की व्यवस्था, बैरिकेडिंग की कमी और खराब स्ट्रीट लाइट जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने यह भी देखा कि दुर्घटनास्थल पहले से संवेदनशील घोषित था या नहीं। टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि यदि पहले एक ट्रक उसी स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, तो उसके बाद सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए। एसआईटी का मानना है कि इस पूरे मामले में सिस्टम फेलियर की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बिल्डरों पर शिकंजा, दो गिरफ्तार, ऑफिस सील
इस मामले में कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। संबंधित प्लॉट से जुड़े दोनों बिल्डरों अभय कुमार और निर्मल सिंह के कॉरपोरेट ऑफिस को सील कर दिया गया है। नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने लोटस ग्रीन के बिल्डर रवि बंसल और सचिन कर्णवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले विश टाउन के बिल्डर अभय कुमार को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक अभी दो अन्य बिल्डर फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही ने इस दर्दनाक हादसे को जन्म दिया।
प्राधिकरण से सात बिंदुओं पर जवाब, विधायक ने उठाए सवाल
एसआईटी की टीम घटनास्थल के निरीक्षण के बाद सीधे नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर पहुंची, जहां अधिकारियों के साथ लंबी बैठक हुई। प्राधिकरण से सात बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है, जिसमें स्पोर्ट्स सिटी के 21 प्लॉटों का आवंटन, ओसी-सीसी की स्थिति, सड़क, सड़क सुरक्षा, पानी, सीवर, पजेशन और घटना से पहले व बाद में उठाए गए कदम शामिल हैं। इन सभी जानकारियों को रिपोर्ट के रूप में शासन को भेजा जाएगा।
वहीं दादरी विधायक तेजपाल नागर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अग्निशमन विभाग, नोएडा प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग, जलभराव और खराब स्ट्रीट लाइट को इस घटना का जिम्मेदार बताया है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में SDRF व NDRF की स्थायी तैनाती की मांग की है।
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