नोएडा हादसे में युवराज की मौत का मामला, फायर टीम के रेस्क्यू का वीडियो वायरल, SIT ने चश्मदीद को पूछताछ के लिए बुलाया

top-news
नोएडा सेक्टर-150 में युवराज की मौत से जुड़ा फायर विभाग के रेस्क्यू का वीडियो वायरल हो गया है। घने कोहरे और जलभराव के बीच चले ऑपरेशन के बीच SIT ने चश्मदीद मोनिंदर को पूछताछ के लिए नोएडा अथॉरिटी बुलाया है।

नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़ा मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस घटना से जुड़ा एक अहम वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फायर विभाग की टीम युवराज तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन करती नजर आ रही है। करीब तीन मिनट के इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दमकल अधिकारी और कर्मचारी रस्सी और बोट के सहारे पानी में उतरते हैं और घने कोहरे के बीच टॉर्च की रोशनी से युवराज को खोजने की कोशिश करते हैं। वीडियो में घटनास्थल पर बड़ी संख्या में राहगीर भी मौजूद दिखाई दे रहे हैं, जो पूरे घटनाक्रम के गवाह बने।


घने कोहरे और जलभराव के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन
वायरल वीडियो के मुताबिक घटना के समय इलाके में घना कोहरा था और सड़क पर भारी जलभराव था। इसी बीच फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। वीडियो में दमकलकर्मी सावधानी से पानी में आगे बढ़ते हुए नजर आते हैं। टॉर्च की रोशनी के सहारे युवराज की तलाश की जा रही थी, जबकि आसपास खड़े लोग पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड करते दिख रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर फायर विभाग, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर लोग यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर समय पर युवराज को क्यों नहीं बचाया जा सका।


SIT ने चश्मदीद मोनिंदर को बुलाया नोएडा अथॉरिटी
इधर, युवराज की मौत के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अब जांच तेज कर दी है। मामले के चश्मदीद बताए जा रहे मोनिंदर को पूछताछ के लिए नोएडा अथॉरिटी बुलाया गया है। जानकारी के मुताबिक मोनिंदर अपने परिवार के साथ नोएडा अथॉरिटी कार्यालय पहुंचा, जहां SIT की टीम उससे घटना से जुड़े हर पहलू पर सवाल-जवाब कर रही है। जांच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि हादसे के वक्त मौके पर क्या हालात थे, कितनी देर में राहत और बचाव टीम पहुंची और युवराज की मदद के लिए तत्काल क्या प्रयास किए गए।


लापरवाही के आरोप, राजनेताओं के दखल से बढ़ा दबाव
युवराज की मौत के बाद से ही परिजन और स्थानीय लोग प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इससे पहले भी विधायक तेजपाल नागर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर नोएडा प्राधिकरण, आपदा प्रबंधन विभाग, जलभराव और खराब स्ट्रीट लाइट को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया था। अब वायरल वीडियो और SIT की सक्रियता के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है। लोगों की मांग है कि वीडियो में दिख रही परिस्थितियों और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *