युवराज मेहता की श्रद्धांजलि सभा, सैकड़ों लोगों ने की आत्मा की शांति की कामना, पिता बोले- जो मेरे बेटे के साथ हुआ, ऐसा किसी के साथ न हो!
- Shiv Kumar
- 24 Jan, 2026
नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के निधन के बाद उनके परिवार की ओर से एक शोक सभा का आयोजन किया गया। यह श्रद्धांजलि सभा सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के मल्टी फंक्शन हॉल (क्लब हाउस) में आयोजित हुई, जहां सोसाइटी के सैकड़ों लोगों ने पहुंचकर युवराज को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे माहौल में गम और सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
पिता बोले– मेरा बेटा बहादुर था, समय पर मदद नहीं मिली
शोक सभा के दौरान युवराज के पिता राजकुमार मेहता भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने करीब दो घंटे तक संघर्ष किया, लेकिन उसे समय पर सही मदद नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि युवराज बेहद बहादुर था और आखिरी समय तक उसने हिम्मत नहीं हारी। राजकुमार मेहता ने इस पूरे मामले को समाज के सामने लाने के लिए मीडिया का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि मीडिया की वजह से ही यह घटना गंभीरता से सामने आई है। साथ ही उन्होंने मांग की कि युवराज की मौत के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
एसआईटी गठन पर यूपी सरकार का जताया आभार
युवराज के पिता ने उत्तर प्रदेश सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सिस्टम की कमियों को सुधारा जाए, ताकि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। शोक सभा में मौजूद लोगों ने भी एक स्वर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
16 जनवरी की रात हुई थी दर्दनाक घटना
गौरतलब है कि 16 जनवरी की रात नोएडा में यह हादसा हुआ था। सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता गुरुग्राम से अपनी ग्रैंड विटारा कार से नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क जा रहे थे। रास्ते में एटीएस ले ग्रांड के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर नाले की दीवार तोड़ते हुए गहरे गड्ढे में जा गिरी। बताया गया कि कार पानी से भरे दलदली गड्ढे में फंस गई। सूचना मिलने पर पुलिस, दमकल विभाग और अन्य टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद युवराज को बचाया नहीं जा सका। यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और अब इसकी जांच एसआईटी कर रही है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






