नोएडा एयरपोर्ट बनेगा NCR का नया ग्लोबल गेटवे, 11, 200 की लागत से बनकर हुआ तैयार, कल पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
- Shiv Kumar
- 27 Mar, 2026
नरेंद्र मोदी आज 28 मार्च को गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा का भव्य उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग का निरीक्षण करेंगे और दोपहर 12 बजे फेज-1 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर वे एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। यह एयरपोर्ट भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में शामिल है, जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लगभग 11,200 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। उद्घाटन के साथ ही यह परियोजना NCR क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। इसकी शुरुआती पैसेंजर हैंडलिंग क्षमता 12 मिलियन पैसेंजर प्रति वर्ष रखी गई है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 70 मिलियन तक किया जा सकेगा। एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जिससे बड़े वाइड-बॉडी विमान आसानी से उतर सकेंगे। इसके साथ ही इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एडवांस्ड लाइटिंग जैसी सुविधाएं इसे 24 घंटे और हर मौसम में संचालन के लिए सक्षम बनाती हैं। यहां मल्टी-मॉडल कार्गो हब भी विकसित किया जा रहा है, जिसकी शुरुआती क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन होगी और इसे आगे 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकेगा।
मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट और बेहतरीन कनेक्टिविटी
यह एयरपोर्ट सिर्फ हवाई यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां सड़क, रेल, मेट्रो और रीजनल ट्रांजिट सिस्टम का बेहतर तालमेल होगा। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह एयरपोर्ट दिल्ली-NCR के यात्रियों और कार्गो मूवमेंट के लिए गेमचेंजर साबित होगा। साथ ही नोएडा में चिल्ला रोड से सेक्टर-94 तक 1.8 किमी लंबा एलिवेटेड मार्ग बनाया जा रहा है, जिससे दिल्ली से एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे सेक्टर-18 और फिल्म सिटी जैसे व्यस्त इलाकों के ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी।
भारत की एविएशन क्षमता को मिलेगी नई उड़ान
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भारत के एविएशन सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। यह एयरपोर्ट इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा का पूरक बनेगा और NCR की बढ़ती यात्री संख्या को संभालने में अहम भूमिका निभाएगा। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इसे नेट-जीरो एमिशन लक्ष्य के साथ डिजाइन किया गया है। इसके अलावा 40 एकड़ में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी विकसित की जा रही है। यह परियोजना न सिर्फ यातायात को आसान बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को भी नया आयाम देगी।
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