अस्तौली में बना वेस्ट टू टॉरिफाइड चारकोल प्लांट, 900 टीडीपी है क्षमता, NTPC में होगा प्रयोग, अधिकारियों ने किया मौका मुआयना
- Shiv Kumar
- 27 Mar, 2026
नोएडा प्राधिकरण ने शहर में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने आज अस्तौली में बने वेस्ट टू टॉरिफाइड चारकोल प्लांट का निरीक्षण किया। इस प्लांट की कुल क्षमता 900 टन प्रतिदिन (TPD) है, जिसमें 600 टन कचरा नोएडा से और 300 टन कचरा ग्रेटर नोएडा से लाकर प्रोसेस किया जाएगा। इस पहल से शहर के कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निपटाने के साथ-साथ उसे उपयोगी संसाधन में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों ने प्लांट की कार्यप्रणाली का जायजा लिया और इसके संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
ट्रायल रन में कचरे से बन रहा चारकोल
प्राधिकरण के जीएम एसपी सिंह ने बताया कि फिलहाल प्लांट का ट्रायल रन जारी है। इस दौरान ठोस अपशिष्ट को प्रोसेस कर टॉरिफाइड चारकोल में बदला जा रहा है। यह चारकोल आगे चलकर NTPC में हरित ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह तकनीक न केवल कचरे की मात्रा कम करेगी, बल्कि उसे ऊर्जा के रूप में उपयोग करने का बेहतर विकल्प भी प्रदान करेगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण में मिलेगा फायदा
यह परियोजना आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण के लिहाज से भी काफी अहम मानी जा रही है। इससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे की मात्रा घटेगी और संसाधनों के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। आधुनिक तकनीक से लैस यह प्लांट शहर की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा। साथ ही इससे नोएडा की रैंकिंग में भी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की पहलें शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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