एशिया के सबसे बड़े नोएडा एयरपोर्ट की क्या है खासियत? 20 मिनट से कम टाइम में बोर्डिंग, 30 सेकंड में होगी चेक-इन, और भी बहुत कुछ, जानें यहां
- Shiv Kumar
- 28 Mar, 2026
लंबे इंतजार के बाद आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को करीब 11:30 बजे टर्मिनल बिल्डिंग का निरीक्षण करेंगे और दोपहर 12 बजे पहले चरण का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह प्रोजेक्ट देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स में से एक माना जा रहा है, जिसे लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। शुरुआत में देश के करीब 45 शहरों के लिए 65 से ज्यादा उड़ानों की योजना है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कुछ महीनों बाद शुरू होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह एयरपोर्ट एनसीआर क्षेत्र के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित होगा और दिल्ली के बड़े एयरपोर्ट पर दबाव कम करेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस, यात्रियों के लिए आसान सफर
इस एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज और आसान प्रक्रिया है। यहां एंट्री से लेकर बोर्डिंग गेट तक पहुंचने में 20 मिनट से भी कम समय लगेगा। सुरक्षा जांच के बाद यात्रियों को करीब 60 मीटर का कॉरिडोर पार करना होगा, जिससे पूरा प्रोसेस काफी तेज हो जाता है। यहां 10 ऑटोमेटिक बैगेज ड्रॉप मशीनें लगाई गई हैं, जिनसे यात्री खुद ही अपना सामान जमा कर सकते हैं। खास बात यह है कि एक मशीन हर घंटे 80 से 100 यात्रियों का सामान संभाल सकती है। डिजी यात्रा एप के जरिए फेस स्कैन करके एंट्री की सुविधा भी दी गई है, जिससे पेपरलेस और तेज सफर संभव होगा। जिनके पास यह सुविधा नहीं होगी, उनके लिए मैनुअल चेकिंग का विकल्प भी रहेगा।
डिजाइन और सुविधाएं बनाएंगी खास अनुभव
एयरपोर्ट का डिजाइन भी इसे खास बनाता है। टर्मिनल में प्रवेश करते ही वाराणसी और हरिद्वार के घाटों से प्रेरित आर्किटेक्चर नजर आता है। सीढ़ियों और छत का डिजाइन ऐसा बनाया गया है कि अंदर प्राकृतिक रोशनी भरपूर आती है। यात्रियों के आराम का पूरा ध्यान रखा गया है, जिसमें बच्चों के लिए खेलने की जगह, बुजुर्गों के लिए व्हील चेयर और शांत माहौल के लिए अलग पीस जोन बनाया गया है। इसके अलावा प्रेयर रूम और बेबी केयर रूम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। खाने-पीने के स्टॉल और शॉपिंग के लिए शोरूम भी एयरपोर्ट के साथ ही शुरू हो जाएंगे, जिससे यात्रियों को पूरा अनुभव मिलेगा।
आने वाले समय में एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की तैयारी
करीब 1334 हेक्टेयर में फैले इस एयरपोर्ट का पहला चरण तैयार हो चुका है। भविष्य में चारों चरण पूरे होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया के प्रमुख एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है। इसे खासतौर पर दिल्ली के एयरपोर्ट का दबाव कम करने के लिए बनाया गया है, जो यहां से करीब 72 किलोमीटर दूर है। शुरुआत में देश के बड़े शहरों के लिए उड़ानें शुरू होंगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के लिए यात्रियों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। कुल मिलाकर यह एयरपोर्ट आने वाले समय में देश की एयर कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
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