ग्रेटर नोएडा में GL बजाज कॉलेज के खिलाफ छात्रों का हंगामा, बोले- फीस और हॉस्टल के पैसे लिए, अब मथुरा भेज रहे

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ग्रेटर नोएडा के जीएल बजाज कॉलेज में एडमिशन को लेकर छात्रों ने धरना दिया। छात्रों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा कैंपस के नाम पर फीस जमा कराने के बाद उनका रजिस्ट्रेशन मथुरा ब्रांच में कर दिया गया। छात्रों ने यहीं एडमिशन देने और मुआवजे की मांग की।

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित जीएल बजाज कॉलेज के बाहर छात्रों और समाजवादी छात्र सभा के नेताओं ने एडमिशन को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा कैंपस में एडमिशन के लिए फीस जमा की थी, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उनका एडमिशन मथुरा स्थित ब्रांच में कर दिया। इसी बात को लेकर छात्रों ने कॉलेज के गेट के बाहर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।


ग्रेटर नोएडा कैंपस के नाम पर एडमिशन, मथुरा में रजिस्ट्रेशन का दावा

धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा स्थित जीएल बजाज कॉलेज में एडमिशन लिया था। छात्रों के मुताबिक, एडमिशन के दौरान उन्होंने कॉलेज की फीस के साथ हॉस्टल की रकम भी जमा की। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनका रजिस्ट्रेशन मथुरा स्थित कॉलेज की ब्रांच में कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा कैंपस के लिए प्रवेश लिया था, ऐसे में उन्हें मथुरा भेजना उनके साथ गलत है।


मथुरा जाने से छात्रों ने किया इनकार

छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे मथुरा स्थित ब्रांच में जाकर पढ़ाई करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ग्रेटर नोएडा में पढ़ाई के लिए फीस जमा की है और इसी कैंपस में एडमिशन की उम्मीद के साथ आगे की तैयारी की थी। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से मामले को स्पष्ट करने और उन्हें ग्रेटर नोएडा कैंपस में ही पढ़ाई का अवसर देने की मांग की है। इसी मांग को लेकर छात्रों ने कॉलेज के बाहर धरना देकर विरोध जताया।


समाजवादी छात्र सभा ने दी तालाबंदी की चेतावनी

प्रदर्शन में समाजवादी छात्र सभा के जिला अध्यक्ष मोहित नागर भी शामिल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के साथ बड़ा घोटाला किया है। उन्होंने मांग की कि छात्रों का एडमिशन ग्रेटर नोएडा कैंपस में ही कराया जाए। मोहित नागर ने कहा कि यदि छात्रों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो कॉलेज में तालाबंदी का कदम उठाया जाएगा। साथ ही छात्रों को मुआवजा देने की मांग भी की गई, ताकि वे अपनी इच्छा के अनुसार किसी दूसरे कॉलेज में एडमिशन ले सकें। हालांकि, कॉलेज प्रशासन की ओर से इस मामले पर तत्काल कोई पक्ष सामने नहीं आया है।

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