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CBSE कार्यशाला में शिक्षकों को साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण, ग्रेटर हाइट्स पब्लिक स्कूल में नैतिकता को लेकर किया गया जागरूक

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ग्रेटर हाइट्स पब्लिक स्कूल में सीबीएसई की ओर से साइबर सुरक्षा और नैतिकता पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। विशेषज्ञ ने शिक्षकों को सुरक्षित पासवर्ड, अनजान लिंक, फिशिंग, हैकिंग, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने के खतरों से अवगत कराया।

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर हाइट्स पब्लिक स्कूल में शनिवार दोपहर 2 बजे सीबीएसई की ओर से ‘साइबर सुरक्षा और नैतिकता’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में जानकारी देना और छात्रों को इंटरनेट का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की गई। शिक्षकों को बताया गया कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। कार्यशाला में ऑनलाइन सुरक्षा के साथ डिजिटल व्यवहार और जिम्मेदारी से जुड़े विषयों को भी समझाया गया, ताकि शिक्षक इन जानकारियों को छात्रों तक पहुंचा सकें और उन्हें साइबर खतरों से बचने के लिए जागरूक कर सकें।


पासवर्ड और अनजान लिंक को लेकर किया जागरूक

कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञ ने ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपायों की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों को पासवर्ड सुरक्षित रखने और अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी। इसके साथ ही फिशिंग और हैकिंग से बचाव के तरीकों के बारे में भी बताया गया। विशेषज्ञ ने समझाया कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय छोटी सी लापरवाही भी साइबर सुरक्षा से जुड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है। कार्यशाला का उद्देश्य केवल शिक्षकों को साइबर अपराधों की जानकारी देना ही नहीं था, बल्कि उन्हें ऐसे तरीकों से परिचित कराना भी था, जिनके जरिए वे छात्रों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल के लिए जागरूक कर सकें। साइबर सुरक्षा से जुड़े इन बुनियादी उपायों को छात्रों की रोजमर्रा की डिजिटल गतिविधियों से जोड़कर समझाने पर भी जोर दिया गया।


साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया के खतरों पर चर्चा

कार्यशाला में साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से होने वाले खतरों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। साइबर विशेषज्ञ ने बताया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय निजी जानकारी को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों को इस बात के प्रति जागरूक किया कि छात्रों को भी सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से होने वाले संभावित खतरों के बारे में समझाया जाना चाहिए। इसके साथ ही साइबर बुलिंग जैसे मामलों को भी गंभीरता से लेने की जरूरत बताई गई। कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को ऑनलाइन दुनिया में मौजूद विभिन्न जोखिमों की जानकारी दी गई, ताकि वे छात्रों को इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए मार्गदर्शन दे सकें। इस दौरान साइबर सुरक्षा को छात्रों की डिजिटल आदतों से जोड़कर समझने पर जोर दिया गया।


डिजिटल नागरिकता और नैतिकता पर दिया जोर

कार्यशाला के दौरान साइबर सुरक्षा के साथ डिजिटल नागरिकता और डिजिटल नैतिकता की जरूरत पर भी जोर दिया गया। विशेषज्ञ ने बताया कि इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल करने के साथ ऑनलाइन दुनिया में जिम्मेदारी से व्यवहार करना भी जरूरी है। छात्रों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सही और जिम्मेदार व्यवहार के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को डिजिटल नागरिकता और नैतिकता के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यशाला का मकसद शिक्षकों को साइबर अपराधों से जुड़े खतरों की समझ देने के साथ छात्रों को सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल के तरीके सिखाने में सक्षम बनाना था। कार्यक्रम में पासवर्ड सुरक्षा, अनजान लिंक, फिशिंग, हैकिंग, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने जैसे विषयों को शामिल किया गया। इस तरह कार्यशाला में ऑनलाइन सुरक्षा और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार दोनों पहलुओं पर ध्यान दिया गया।

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