नोएडा में 5 लोगों से 34 लाख की साइबर ठगी, बुजुर्ग से अकेले 27.54 लाख रुपये ऐंठे, APK फाइल डाउनलोड कराकर बनाया शिकार
- Shiv Kumar
- 09 Oct, 2026
नोएडा। शहर में साइबर ठगी के अलग-अलग मामलों में पांच लोगों से करीब 34 लाख रुपये ठग लिए गए। ठगों ने किसी को शेयर ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा दिया, तो किसी को क्रेडिट कार्ड और पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए लोगों से संपर्क किया। ठगी का शिकार होने वालों में रिटायर्ड कर्मचारी और बुजुर्ग भी शामिल हैं। एक बुजुर्ग के खाते से ही 27.54 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। कुछ मामलों में ठगों ने मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराकर लोगों को निशाना बनाया। शिकायतों के आधार पर साइबर क्राइम थाने में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है।
शेयर ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का दिया झांसा
साइबर ठग लोगों को जल्दी और ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। नोएडा में सामने आए मामलों में भी शेयर ट्रेडिंग के जरिए रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठे गए। ठग टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क बनाते हैं और निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाते हैं। लोग उनकी बातों में आकर रकम ट्रांसफर कर देते हैं। बाद में आरोपियों से संपर्क टूटने या खाते से पैसे निकलने के बाद ठगी का पता चलता है। पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ठगी में कौन-कौन शामिल है।
क्रेडिट कार्ड और पेंशन कार्ड के नाम पर भी ठगी
ठगों ने लोगों को केवल निवेश के नाम पर ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि क्रेडिट कार्ड और पेंशन कार्ड बनवाने के बहाने भी रकम हड़पी। इन मामलों में लोगों को कार्ड बनवाने या उससे जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा दिया गया। इसके बाद उनसे जरूरी जानकारी हासिल की गई या मोबाइल पर APK फाइल डाउनलोड कराई गई। साइबर ठगी के ऐसे तरीकों में लोगों को यह अंदाजा भी नहीं लग पाता कि उनके मोबाइल या बैंक खाते को निशाना बनाया जा रहा है। शिकायतों के बाद साइबर क्राइम थाने में कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब शिकायतकर्ताओं से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
बुजुर्ग से 27.54 लाख रुपये की ठगी
नोएडा में सामने आए पांच मामलों में एक बुजुर्ग से 27.54 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। इस मामले में बैंक खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर कर ली गई। ठगी का शिकार होने वालों में रिटायर्ड कर्मचारी भी शामिल हैं। इन घटनाओं से साफ है कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। कभी निवेश पर ज्यादा मुनाफे का लालच दिया जाता है, तो कभी कार्ड बनवाने जैसी सेवाओं के बहाने संपर्क किया जाता है। मोबाइल में अनजान APK फाइल डाउनलोड कराना भी ठगी का एक तरीका रहा। पुलिस ने शिकायतों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच जारी
साइबर ठगी की शिकायतों के बाद नोएडा के साइबर क्राइम थाने में कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन और ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए तरीकों की जांच कर रही है। टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किए जाने तथा मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराए जाने से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है कि वे शेयर ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड न करें।
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