नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में ई-बस सेवा, जानें रूट, किराया और चलने का समय
- Shiv Kumar
- 20 Oct, 2026
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प बनकर सामने आई है। इन बसों के जरिए शहर के प्रमुख सेक्टरों, मेट्रो स्टेशनों, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, परी चौक, सूरजपुर कलेक्ट्रेट, गाजियाबाद और दिल्ली के कुछ प्रमुख स्थानों तक पहुंचने की सुविधा मिल रही है। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी बस कनेक्टिविटी की व्यवस्था की गई है। इस सेवा का उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने, रोजाना के सफर का खर्च घटाने और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने का विकल्प देना है। ई-बसों का नियमित संचालन 20 जून 2026 से शुरू होने की जानकारी सामने आई है, जबकि सेवा का शुभारंभ इससे पहले जून में किया गया था। शुरुआती दौर में 100 बसों के साथ तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में सेवा शुरू हुई। इसके बाद अलग-अलग रूटों पर बसों की संख्या और कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजनाएं भी सामने आईं। ऐसे में यात्रियों के लिए यह जानना जरूरी है कि बसें किन रास्तों पर चलती हैं, किराया कितना है, कितनी देर में बस मिलती है और टिकट कैसे लिया जा सकता है। इस खबर में ई-बस सेवा से जुड़ी जरूरी जानकारी आसान भाषा में दी गई है। ध्यान रहे कि रूट, स्टॉपेज और संचालन व्यवस्था में बदलाव हो सकता है, इसलिए यात्रा से पहले संबंधित बस सेवा से ताजा जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।
नोएडा में ई-बस सेवा: एक नजर में
नोएडा की ई-सिटी बस सेवा को शहर के अंदर और आसपास के प्रमुख इलाकों को जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह सेवा नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। बसों के जरिए यात्रियों को रिहायशी सेक्टरों, औद्योगिक इलाकों, शिक्षण संस्थानों, मेट्रो स्टेशनों और दूसरे परिवहन केंद्रों तक पहुंचने का विकल्प मिलता है। शुरुआती व्यवस्था में बॉटेनिकल गार्डन को कई प्रमुख रूटों का मुख्य शुरुआती बिंदु बनाया गया था। यहां से बसें परी चौक, सूरजपुर, जेवर एयरपोर्ट, गाजियाबाद और आनंद विहार की ओर जाती हैं। बाद में नोएडा के अंदरूनी सेक्टरों और गांवों को जोड़ने के लिए नए रूट भी शुरू किए गए। हालांकि, हर बस सभी स्थानों तक नहीं जाती, इसलिए यात्रियों को अपने गंतव्य के अनुसार रूट की जानकारी लेना जरूरी है।
20 जून 2026 से नियमित संचालन
ई-बस सेवा की शुरुआत जून 2026 में हुई थी। शुरुआती चरण में 12 जून को सेवा का शुभारंभ किया गया और इसके बाद 15 जून से बसों का संचालन बढ़ाया गया। नियमित सेवा के विस्तार के साथ 20 जून से संचालन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाए जाने की जानकारी भी सामने आई। इन बसों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अलग-अलग मार्गों पर चलाया गया, ताकि यात्रियों को शहर के प्रमुख स्थानों तक पहुंचने का विकल्प मिल सके। शुरुआत में बॉटेनिकल गार्डन से पांच प्रमुख गंतव्यों को जोड़ने वाले रूट चर्चा में रहे। इनमें परी चौक, सूरजपुर कलेक्ट्रेट, जेवर एयरपोर्ट, गाजियाबाद का नया बस अड्डा और दिल्ली का आनंद विहार शामिल हैं। बाद में यात्रियों की जरूरत के हिसाब से कुछ रूटों और स्टॉपेज में बदलाव किए गए। इसलिए पुरानी रूट सूची के बजाय यात्रा से पहले उपलब्ध नवीनतम जानकारी देखना बेहतर है।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण: कितनी बसें
ई-बस सेवा की शुरुआत तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों के साथ की गई थी। शुरुआती व्यवस्था में नोएडा प्राधिकरण के हिस्से में 50 बसें थीं, जबकि ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 25-25 बसें चलाने की योजना थी। हालांकि, बाद की रिपोर्टों में अतिरिक्त बसें उपलब्ध होने और रूटों के विस्तार के बाद बसों की संख्या में बदलाव की जानकारी सामने आई। अक्टूबर की शुरुआत में प्रकाशित एक रिपोर्ट में नोएडा क्षेत्र में 60, ग्रेटर नोएडा में 50 और यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 25 बसों के संचालन का उल्लेख किया गया था। दूसरी ओर, अक्टूबर के अंत के करीब कुछ रिपोर्टों में बॉटेनिकल गार्डन से चार मुख्य रूटों पर 50 ई-सिटी बसें चलने की जानकारी दी गई। अलग-अलग आंकड़े विस्तार और रूट-आधारित संचालन के कारण हो सकते हैं, इसलिए मौजूदा कुल संख्या की पुष्टि संबंधित प्राधिकरण से करना जरूरी है।
ई-बस के ताजा आंकड़े: सितंबर में कितने यात्रियों ने किया सफर
सितंबर 2026 के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि नोएडा क्षेत्र की ई-बस सेवा का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 से 13 सितंबर के बीच 100 बसों ने मिलकर करीब 2.96 लाख किलोमीटर का सफर तय किया और 1.99 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा दी। इस अवधि में बसों से 61.75 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। 20 जून से 13 सितंबर तक की अवधि में इन बसों ने कुल 15.12 लाख किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की और 7.18 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया। इस दौरान कुल राजस्व 2.24 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया। ये आंकड़े सेवा के शुरुआती महीनों के हैं, इसलिए इन्हें पूरे सितंबर या अक्टूबर के कुल यात्रियों का आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। बाद के महीनों के अंतिम आंकड़े अलग हो सकते हैं।
सितंबर के पहले 13 दिनों में करीब 2 लाख यात्री
सितंबर के पहले 13 दिनों में करीब दो लाख यात्रियों का ई-बसों से सफर करना इस सेवा के इस्तेमाल में बढ़ती रुचि का संकेत देता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में तीनों क्षेत्रों में चलने वाली बसों ने 1.99 लाख से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इनमें नोएडा प्राधिकरण की 50 बसों ने एक लाख से ज्यादा यात्रियों को सेवा दी, जबकि ग्रेटर नोएडा की 25 बसों से 53,194 यात्रियों ने सफर किया। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की 25 बसों ने 42,497 यात्रियों को सेवा दी। इन आंकड़ों से पता चलता है कि ई-बसें केवल नोएडा के अंदर ही नहीं, बल्कि ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र के यात्रियों के लिए भी उपयोगी साबित हो रही थीं। हालांकि, किसी खास दिन या रूट पर बस में भीड़ कितनी होगी, यह समय, स्टॉपेज और यात्रियों की मांग के अनुसार बदल सकता है।
अगस्त की तुलना में बसों का प्रदर्शन
सितंबर के शुरुआती 13 दिनों में ई-बसों के संचालन का औसत अगस्त की तुलना में बेहतर रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में प्रति बस प्रतिदिन औसतन 190.21 किलोमीटर का संचालन हुआ था, जबकि सितंबर के पहले 13 दिनों में यह बढ़कर 227.78 किलोमीटर हो गया। इसी तरह, प्रति बस प्रतिदिन यात्रियों की औसत संख्या अगस्त में 109.79 थी, जो सितंबर की शुरुआती अवधि में बढ़कर 153.68 दर्ज की गई। प्रति किलोमीटर राजस्व भी 17.95 रुपये से बढ़कर 20.85 रुपये तक पहुंचा। इन आंकड़ों से सेवा के इस्तेमाल और बसों के परिचालन में सुधार का संकेत मिलता है। हालांकि, ये संचालन से जुड़े आंकड़े हैं, यात्रियों के लिए बस की समय-सारिणी या किराये में बदलाव का प्रमाण नहीं। यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए रूट और बस आने के समय की अलग से जानकारी लेनी चाहिए।
नोएडा ई-बस रूट लिस्ट
ई-बस सेवा की शुरुआती रूट सूची में बॉटेनिकल गार्डन से पांच प्रमुख मार्ग शामिल किए गए थे। इनमें परी चौक, जेवर एयरपोर्ट, सूरजपुर कलेक्ट्रेट, गाजियाबाद का नया बस अड्डा और आनंद विहार बस अड्डा प्रमुख गंतव्य थे। इन रूटों का उद्देश्य नोएडा को ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र और दिल्ली-गाजियाबाद के प्रमुख परिवहन केंद्रों से जोड़ना है। इसके बाद नोएडा के भीतर सेक्टरों, गांवों और प्राधिकरण कार्यालय तक पहुंच बढ़ाने के लिए नए रूट भी जोड़े गए। अक्टूबर में सेक्टर-126 के रायपुर गांव से सेक्टर-150 के कोंडली गांव तक के इलाके को जोड़ने वाले रूट और सेक्टर-12/22 से सेक्टर-137 तक के रूट पर संचालन शुरू होने की खबर आई। चूंकि रूटों में बदलाव जारी है, इसलिए नीचे दी गई सूची को प्रमुख मार्गों की जानकारी समझें, अंतिम और स्थायी समय-सारिणी नहीं।
नोएडा प्राधिकरण की ई-बसों के रूट
बॉटेनिकल गार्डन से परी चौक जाने वाली बस का मार्ग गोल्फ कोर्स, सिटी सेंटर, होशियारपुर, सेक्टर-51, पार्थला, गौर चौक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एकमूर्ति गोलचक्कर और सूरजपुर कलेक्ट्रेट जैसे स्थानों से होकर जाता है। इस रूट से नोएडा के कई सेक्टरों के साथ ग्रेटर नोएडा वेस्ट और परी चौक की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकती है। दूसरे प्रमुख मार्ग पर बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-37 अंडरपास, छलेरा, अगाहपुर, बरौला, सेक्टर-50, सेक्टर-75, नॉर्थ आई चौक, सेक्टर-116, सेक्टर-78, सैमसंग फेज-2, फूल मंडी और कुलेसरा होते हुए सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक पहुंचने की व्यवस्था बताई गई है। इसके अलावा सेक्टर-137 से सेक्टर-12/22 तक और रायपुर गांव से कोंडली गांव तक नए मार्ग भी शुरू किए गए हैं। यात्रा से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि संबंधित बस आपके नजदीकी स्टॉप पर रुकती है या नहीं।
ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के रूट
ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के यात्रियों के लिए ई-बसों का महत्व इसलिए है क्योंकि यहां रिहायशी इलाकों के साथ विश्वविद्यालय, औद्योगिक क्षेत्र और तेजी से विकसित हो रहे सेक्टर भी हैं। बॉटेनिकल गार्डन से परी चौक वाला मार्ग ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एकमूर्ति गोलचक्कर और सूरजपुर कलेक्ट्रेट जैसे स्थानों से होकर गुजरता है। जेवर एयरपोर्ट की ओर जाने वाला मार्ग परी चौक, गलगोटिया विश्वविद्यालय, दनकौर और रबूपुरा जैसे स्थानों को जोड़ता है। इसके अलावा बॉटेनिकल गार्डन से मिर्जापुर कट और परी चौक तक नए मार्गों की भी जानकारी सामने आई है। एक रूट पर सेक्टर-94, एमिटी विश्वविद्यालय, सेक्टर-126 रायपुर, बख्तावरपुर, सुल्तानपुर गांव और कई सेक्टरों को जोड़ते हुए कोंडली गांव तथा परी चौक तक बस चलाने की योजना बताई गई। सभी मार्गों पर बसों की मौजूदा उपलब्धता और स्टॉपेज की पुष्टि करके ही सफर तय करें।
जेवर एयरपोर्ट की ओर जाने वाले रूट
नोएडा से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए बॉटेनिकल गार्डन से शुरू होने वाला ई-बस रूट अहम है। जारी की गई शुरुआती रूट जानकारी के अनुसार, बस सेक्टर-44, छलेरा, एमिटी स्कूल और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से होते हुए परी चौक पहुंचती है। इसके बाद मार्ग गलगोटिया विश्वविद्यालय, दनकौर और रबूपुरा से होकर एयरपोर्ट की ओर जाता है। यह रास्ता उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें नोएडा या ग्रेटर नोएडा से एयरपोर्ट क्षेत्र तक सार्वजनिक परिवहन से पहुंचना है। हालांकि, एयरपोर्ट तक बस सेवा की उपलब्धता, अंतिम स्टॉपेज और संचालन की स्थिति समय के साथ बदल सकती है। फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों को केवल अनुमानित बस यात्रा पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। यात्रा के दिन बस की उपलब्धता और संभावित समय की पुष्टि करें और एयरपोर्ट पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय रखें।
किराया और टिकट कैसे लें
ई-बस सेवा के शुरुआती रूट चार्ट से जुड़ी रिपोर्टों में 20, 30 और 50 रुपये के किराये का उल्लेख किया गया था। आम तौर पर अलग-अलग दूरी और गंतव्य के हिसाब से किराये में अंतर हो सकता है, इसलिए हर यात्रा के लिए एक ही रकम मानना सही नहीं होगा। उदाहरण के लिए, छोटी दूरी और लंबी दूरी के रूट का किराया अलग हो सकता है। हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में सभी स्टॉपेज के बीच का पूरा और अद्यतन किराया चार्ट स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्री बस में चढ़ने से पहले कंडक्टर से अपने गंतव्य तक का किराया पूछ लें। टिकट लेने के बाद उसे यात्रा पूरी होने तक अपने पास रखें। एयरपोर्ट या दिल्ली-गाजियाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को खास तौर पर यह पुष्टि करनी चाहिए कि उनके गंतव्य तक सीधे बस उपलब्ध है या रास्ते में दूसरी बस लेनी होगी। किसी पुराने किराये को मौजूदा अंतिम दर न मानें।
कंडक्टर, कैश और डिजिटल पेमेंट
बस में टिकट लेने की प्रक्रिया और भुगतान के उपलब्ध तरीकों की जानकारी यात्रा शुरू करने से पहले लेना बेहतर है। यात्रियों को बस में मौजूद कंडक्टर या संबंधित कर्मचारी से यह पूछना चाहिए कि टिकट कहां से मिलेगा और किराया नकद देना है या डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। ई-बस सेवा के लिए सभी रूटों पर कैश, यूपीआई या अन्य डिजिटल भुगतान की एक जैसी व्यवस्था होने की पुष्टि करने वाली स्पष्ट और अद्यतन जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह मानकर न चलें कि हर बस में क्यूआर कोड या कार्ड से भुगतान जरूर स्वीकार किया जाएगा। शुरुआती यात्राओं के दौरान कुछ नकद रुपये साथ रखना व्यावहारिक रहेगा, ताकि डिजिटल भुगतान उपलब्ध न होने पर परेशानी न हो। टिकट मिलने पर किराया और गंतव्य की जांच कर लें। अगर आप किसी खास रूट पर रोजाना सफर करते हैं, तो उस रूट पर भुगतान की स्वीकृत व्यवस्था की जानकारी नियमित रूप से लेते रहें।
स्मार्ट कार्ड और छूट
ई-बस सेवा में स्मार्ट कार्ड की उपलब्धता और उससे मिलने वाली किसी विशेष छूट के बारे में यात्रियों को सावधानी से जानकारी लेनी चाहिए। नोएडा मेट्रो की स्मार्ट कार्ड व्यवस्था और ई-सिटी बसों की टिकट व्यवस्था अलग-अलग हो सकती है। इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि नोएडा मेट्रो का कार्ड ई-बस में भी काम करेगा या बस के किराये पर वही छूट मिलेगी। उपलब्ध जानकारी में ई-बस सेवा के लिए स्मार्ट कार्ड से भुगतान, दैनिक पास, मासिक पास, विद्यार्थियों की रियायत या अन्य छूट की कोई स्पष्ट और व्यापक रूप से पुष्टि की गई सूची नहीं मिली है। यदि आप छात्र हैं, वरिष्ठ नागरिक हैं या रोजाना काम पर जाने के लिए बस का इस्तेमाल करते हैं, तो यात्रा से पहले संबंधित प्राधिकरण या बस सेवा के कर्मचारी से पूछें कि आपके लिए कोई पास या रियायत उपलब्ध है या नहीं। छूट की जानकारी की पुष्टि किए बिना सामान्य किराये से कम भुगतान करने की कोशिश न करें।
बसों की टाइमिंग और फ्रीक्वेंसी
ई-बसों की समय-सारिणी और दो बसों के बीच का अंतराल रूट, यात्रियों की मांग और संचालन की व्यवस्था के अनुसार अलग हो सकता है। शुरुआती रूट संबंधी रिपोर्टों में लगभग हर 15 मिनट पर बस मिलने की जानकारी दी गई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में कुछ क्षेत्रों में 15 से 30 मिनट के अंतराल पर सेवा उपलब्ध कराने का उल्लेख हुआ। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर रूट पर पूरे दिन एक ही अंतराल से बसें चलती हैं। एयरपोर्ट, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सूरजपुर और दिल्ली-गाजियाबाद की ओर जाने वाले मार्गों पर बस की उपलब्धता अलग हो सकती है। सभी रूटों के लिए पहली बस और आखिरी बस का एक आधिकारिक, अद्यतन समय चार्ट स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए सुबह जल्दी या देर शाम यात्रा करने वालों को पहले समय की पुष्टि कर लेनी चाहिए। किसी जरूरी बैठक, ट्रेन या फ्लाइट के लिए निकलते समय बस के अनुमानित अंतराल पर पूरी तरह निर्भर न रहें और वैकल्पिक यात्रा का विकल्प भी रखें।
सफर से पहले इन बातों का रखें ध्यान
नोएडा ई-बस से यात्रा करने से पहले अपने शुरुआती स्टॉप और गंतव्य की सही जानकारी जुटाएं। रूट नंबर के साथ बस के अंतिम गंतव्य को भी देखें, क्योंकि एक ही शुरुआती स्थान से अलग-अलग दिशाओं में बसें चल सकती हैं। टिकट लेते समय कंडक्टर को अपना गंतव्य स्पष्ट बताएं और किराया पहले पूछ लें। अगर आपको एयरपोर्ट, अस्पताल, परीक्षा केंद्र या किसी जरूरी काम से समय पर पहुंचना है, तो बस के अंतराल और ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय रखें। डिजिटल भुगतान पर निर्भर रहने से पहले यह भी पता कर लें कि संबंधित बस में कौन-से तरीके स्वीकार किए जाते हैं। रूटों के विस्तार और नई बसें शामिल होने के साथ स्टॉपेज या समय में बदलाव हो सकता है। इस वजह से पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट या शुरुआती रूट चार्ट पर पूरी तरह भरोसा करने के बजाय संबंधित प्राधिकरण या बस सेवा से नवीनतम जानकारी लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






