नोएडा अग्निकांड को सांप्रदायिक दंगे से जोड़कर पोस्ट करने पर मुकदमा, पुलिस ने सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ की कार्रवाई

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नोएडा में दुकानों में आग लगने के वीडियो को सांप्रदायिक हिंसा से जोड़कर सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पोस्ट में गोलीबारी और पांच लोगों की मौत का दावा किया गया था, जिसे नोएडा पुलिस ने भ्रामक बताया है।

नोएडा के सेक्टर-126 क्षेत्र में आग लगने की घटना को सांप्रदायिक हिंसा से जोड़कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के मामले में नोएडा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अकाउंट से आग की घटना के दो वीडियो साझा कर उन्हें सांप्रदायिक तनाव और गोलीबारी से जोड़ने का दावा किया गया था। पोस्ट में पांच लोगों की मौत होने और दुकानों में आग लगाए जाने जैसी बातें भी लिखी गई थीं। इस पोस्ट में नोएडा पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस को टैग किया गया था। नोएडा पुलिस ने इन दावों को भ्रामक बताया है। पुलिस के अनुसार, पोस्ट में आग की घटना को लेकर ऐसी बातें लिखी गईं, जिनसे क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव की गलत तस्वीर पेश हो सकती थी। मामले में संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की गई है।


आग के वीडियो साझा कर सांप्रदायिक दंगे का किया था दावा

जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर ‘Indian Tiwari011’ नाम से जुड़े अकाउंट से नोएडा के सेक्टर-125 क्षेत्र की दुकानों में आग लगने के दो वीडियो साझा किए गए थे। पोस्ट में दावा किया गया था कि जामा मस्जिद को गिराए जाने को लेकर शुरू हुआ टकराव बड़े सांप्रदायिक दंगे में बदल गया है। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर मुसलमानों के खिलाफ गोलीबारी करने का आरोप भी लगाया गया था। पोस्ट में पांच लोगों की मौत, दुकानों में आग लगाए जाने और धमाकों की आवाजें सुनाई देने जैसी बातें लिखी गई थीं। साथ ही हालात बेहद तनावपूर्ण होने का दावा किया गया था। यह पोस्ट नोएडा पुलिस और यूपी पुलिस को टैग करके साझा की गई थी। पुलिस ने पोस्ट में किए गए दावों को भ्रामक बताया है। इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस जांच कर रही है।


नोएडा पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, अकाउंट की भूमिका की जांच

नोएडा पुलिस के मुताबिक, आग की घटना को सांप्रदायिक हिंसा से जोड़कर पेश करने वाली पोस्ट के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि यह अकाउंट पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था। हालांकि, अकाउंट के संचालन और पोस्ट से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच के आधार पर की जानी है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और उनके साथ लिखे दावों की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पोस्ट किस संदर्भ में और किन परिस्थितियों में साझा की गई थी। पुलिस ने पोस्ट को भ्रामक बताते हुए मामले को जांच में लिया है।


श्रमिक आंदोलन के दौरान भी पोस्ट करने का दावा

दी गई जानकारी के मुताबिक, इससे पहले श्रमिक आंदोलन के दौरान भी इसी सोशल मीडिया अकाउंट से भ्रामक पोस्ट किए जाने की बात सामने आई थी। अब नोएडा में आग की घटना को सांप्रदायिक हिंसा से जोड़ने वाली पोस्ट के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। सोशल मीडिया पर किसी घटना के वीडियो के साथ किए गए दावों की सत्यता की पुष्टि किए बिना उन्हें साझा करने से गलत जानकारी फैल सकती है। इस मामले में पुलिस पोस्ट की सामग्री, वीडियो और अकाउंट से जुड़ी जानकारी की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही संबंधित अकाउंट के संचालन और पोस्ट के पीछे की परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।नोएडा अग्निकांड को सांप्रदायिक दंगे से जोड़कर पोस्ट करने पर मुकदमा, पुलिस ने सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ की कार्रवाई

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