सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की मांग, ग्रेटर नोएडा में पीड़ित परिवार ने दी आत्मदाह की चेतावनी

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गौतमबुद्ध नगर के लखनावली गांव में सिंचाई विभाग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता दिनेश ने जांच और कार्रवाई की मांग की है। एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने परिवार के साथ जिला कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।

गौतमबुद्ध नगर के लखनावली गांव में सिंचाई विभाग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता दिनेश का दावा है कि सरकारी जमीन पर बहुमंजिला इमारत और मार्केट का निर्माण कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत देने के बावजूद संबंधित विभागों ने अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की। दिनेश ने अधिकारियों से जमीन की जांच कराने, अवैध निर्माण रोकने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने परिवार के साथ जिला कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित विभागों का पक्ष सामने आना बाकी है।


सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जे का आरोप

लखनावली निवासी दिनेश ने विभागीय अधिकारियों को दी शिकायत में खसरा संख्या 186 और पुराने खसरा संख्या 327 का उल्लेख किया है। उनके मुताबिक, इन खसरा नंबरों से जुड़ी 317.71 वर्गमीटर जमीन सिंचाई परियोजना के लिए ली गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर लिया और वहां निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकारी उपयोग के लिए ली गई जमीन पर इस तरह का निर्माण होने से संबंधित परियोजना और सरकारी संपत्ति पर असर पड़ सकता है। दिनेश ने अधिकारियों से जमीन के अभिलेखों की जांच कराने और मौके की स्थिति का सत्यापन करने की मांग की है। हालांकि, जमीन के स्वामित्व, अधिग्रहण और कथित कब्जे की वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित राजस्व अभिलेखों और विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।


प्राधिकरण के कई खसरा नंबरों पर निर्माण का दावा

दिनेश ने अपनी शिकायत में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की जमीन से जुड़े कई खसरा नंबरों का भी जिक्र किया है। इनमें 366, 367, 368, 369, 107, 109, 364, 493 और 151/870 शामिल हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन जमीनों पर भी अवैध निर्माण जारी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ लोग अधिकारियों से मिलीभगत कर निर्माण करा रहे हैं। हालांकि, यह आरोप अभी शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिनेश ने मांग की है कि संबंधित खसरा नंबरों की मौके पर जांच कराई जाए, निर्माण की वैधता की पड़ताल हो और यदि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाए। मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


कई वर्षों से शिकायत करने का दावा, कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी

दिनेश का कहना है कि वह और उनका परिवार पिछले कई वर्षों से सिंचाई विभाग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उनके मुताबिक, इस दौरान अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने के कारण कथित अवैध निर्माण करने वालों के हौसले बढ़े हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। दिनेश ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो वह अपने पूरे परिवार के साथ जिला कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह करेंगे। यह चेतावनी गंभीर है। अब प्रशासन, सिंचाई विभाग और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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