ग्रेटर नोएडा में 226 करोड़ से बिजलीघर और नया पुलिस थाना, किसानों के मुआवजे व लीज डीड पर भी प्राधिकरण ने लिए फैसले

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में किसानों के अतिरिक्त मुआवजे, आबादी भूखंड की पात्रता, लीज बैक, विस्थापित किसानों की लीज डीड और युवाओं के रोजगार केंद्र को मंजूरी मिली। ईकोटेक-1 में पुलिस थाना और ईकोटेक-10 में 220 केवी बिजलीघर बनाने के प्रस्ताव भी स्वीकृत हुए।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में किसानों, औद्योगिक क्षेत्र, बिजली व्यवस्था और रोजगार से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को आबादी भूखंड का लाभ देने, वर्ष 2002 से 2013 के बीच भूमि अधिग्रहण या क्रय से प्रभावित किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने और आबादी भूखंड आवंटन की पात्रता में बदलाव जैसे फैसले लिए गए। इसके अलावा लीज बैक के मामलों में किसानों को ब्याज से राहत देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने, लिंक रोड से विस्थापित किसानों की लीज डीड कराने और युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र विकसित करने की योजना को भी मंजूरी मिली। औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-1 एक्सटेंशन में पुलिस थाना और ईकोटेक-10 में 220 केवी का बिजलीघर बनाने से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में स्वीकृत किए गए। इन फैसलों का असर किसानों, युवाओं और औद्योगिक क्षेत्रों की सुविधाओं पर पड़ने की उम्मीद है।


आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को मिलेगा आबादी भूखंड का लाभ

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को अधिग्रहण के समान सुविधाएं देने का निर्णय लिया है। इसके तहत 5,725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर वाला विकल्प चुनने वाले भू-स्वामियों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ मिलेगा। वहीं, 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर वाला विकल्प चुनने वालों को यह लाभ नहीं मिलेगा। इन दोनों विकल्पों को 27 अगस्त 2026 की बोर्ड बैठक में निर्धारित किया गया था। नए निर्णय के अनुसार, 27 अगस्त के बाद होने वाली भूमि खरीद की प्रक्रिया इसी व्यवस्था के तहत आगे बढ़ेगी। प्राधिकरण का उद्देश्य आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही वर्ष 2002 से 2013 के बीच अधिग्रहण या क्रय से प्रभावित उन किसानों को भी 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है, जिन्हें अब तक इसका लाभ नहीं मिला था। इसके लिए शासन से सहमति मिलने के बाद प्रस्ताव बोर्ड के सामने रखा गया था। फैसले से लंबे समय से अतिरिक्त मुआवजे की मांग कर रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।


आबादी भूखंड की पात्रता में बदलाव, सास-ससुर भी होंगे शामिल

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को आबादी भूखंड आवंटित करने की पात्रता संबंधी नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत पात्रता के दायरे में अब सास-ससुर को भी शामिल किया जाएगा। पहले से निर्धारित पारिवारिक सदस्यों में पितामह, पितामही, पिता, माता, पति या पत्नी शामिल हैं। किसानों की मांग थी कि भूमि अर्जन की कार्रवाई से पहले कुछ मामलों में जमीन पुत्रवधू के नाम हस्तांतरित कर दी जाती है, लेकिन प्रचलित नीति के कारण उन्हें आबादी भूखंड का लाभ नहीं मिल पाता। इसी समस्या को देखते हुए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया। संशोधित व्यवस्था में भी किसान का अधिसूचित क्षेत्र का मूल निवासी होना और संबंधित भूमि का राजस्व अभिलेखों में निर्धारित शर्तों के अनुसार दर्ज होना जरूरी होगा। प्राधिकरण का उद्देश्य पात्र किसानों को आबादी भूखंड के लाभ से अनावश्यक रूप से वंचित होने से बचाना है। इस बदलाव से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके मामले पहले पात्रता संबंधी नियमों के कारण अटक रहे थे।


लीज बैक के मामलों में ब्याज माफी और किसानों के हिस्से के निर्धारण का प्रस्ताव

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्रामीण आबादी की जमीन के लीज बैक मामलों में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए नियमों में संशोधन का निर्णय लिया है। किसानों की मांग पर लीज बैक के लिए जमा की जाने वाली प्रतिकर राशि पर ब्याज माफ करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर ब्याज लग सकता है और एक वर्ष के भीतर भुगतान नहीं होने पर पट्टा निरस्त करने का प्रावधान है। बोर्ड की मंजूरी के बाद प्राधिकरण ग्रामीण आबादी स्थल प्रबंधन एवं विनियमितीकरण विनियमावली में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। इसके अलावा लीज बैक के मामलों में किसानों के हिस्से का निर्धारण कर उनके पक्ष में लीज डीड जारी करने की प्रक्रिया अपनाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। यह व्यवस्था शासनादेश 24 अप्रैल 2010, ग्रामीण आबादी स्थल प्रबंधन एवं विनियमितीकरण विनियमावली 2011 और उसके 2015 के संशोधित प्रावधानों के तहत आगे बढ़ाई जाएगी। ब्याज माफी का अंतिम लाभ शासन की मंजूरी और लागू होने वाली संशोधित व्यवस्था पर निर्भर करेगा।


लिंक रोड से विस्थापित किसानों को भूखंड की लीज डीड का लाभ

गाजियाबाद में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर फैक्ट्री से एनएच-24, जिसे अब एनएच-9 कहा जाता है, तक लिंक रोड निर्माण से प्रभावित किसानों के पुनर्वास से जुड़ा प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में मंजूर किया गया। इसके तहत ग्राम चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी में उपलब्ध 5.48 एकड़ भूमि पर पात्र किसानों के भूखंडों की लीज डीड कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस प्रक्रिया में लीज डीड का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा। संबंधित निर्णय के अनुसार, उन्हीं मूल किसानों को लाभ मिलेगा जिनकी जमीन सड़क निर्माण की जद में आई थी और जिनका नाम संबंधित राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद गठित समिति ने 17 जून 2026 की बैठक में पात्र किसानों के दस्तावेज प्राप्त करने और सत्यापन के बाद प्रस्ताव आगे बढ़ाने की संस्तुति की थी। किसानों को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से जारी आवंटन पत्र की मूल प्रति और नक्शा-11 की सत्यापित प्रति अथवा खरीदे गए खसरे के बैनामे की मूल प्रति देनी होगी। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से सत्यापन के बाद लीज डीड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


ईकोटेक-1 में कौशल प्रशिक्षण और रोजगार केंद्र बनाने की तैयारी

ग्रेटर नोएडा के युवाओं को उद्योगों और सेवा क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए सेक्टर ईकोटेक-1 स्थित औद्योगिक भूखंड संख्या-01 की 32,880 वर्गमीटर जमीन यानी करीब आठ एकड़ क्षेत्रफल को चिह्नित कर आरक्षित करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। भूमि का निशुल्क आवंटन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई विभाग की सहमति के बाद किया जाएगा। योजना के तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि के युवाओं को कौशल विकास और भाषा प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार उपलब्ध कराने में मदद की जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों के लिए हॉस्टल, कार्यालय और प्लेसमेंट सेल जैसी सुविधाएं विकसित करने का भी प्रावधान है। योजना का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को देश के दूसरे राज्यों और विदेशों में उपलब्ध रोजगार अवसरों से जोड़ना है। प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों से जोड़कर युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।


ईकोटेक-1 एक्सटेंशन में बनेगा पुलिस थाना

औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-1 एक्सटेंशन में पुलिस थाना स्थापित करने के लिए ग्राम कासना में 3,957 वर्गमीटर जमीन निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। अपर पुलिस आयुक्त, मुख्यालय, गौतमबुद्ध नगर की ओर से पुलिस स्टेशन के निर्माण के लिए भूमि मांगी गई थी। इसके बाद प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने संबंधित भूखंड को चिह्नित कर पुलिस विभाग को लीज प्लान उपलब्ध कराया। पुलिस विभाग ने 31 जुलाई 2025 को लीज डीड कराने के लिए सहमति देते हुए अनुरोध किया था। प्रस्ताव में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की योजनाओं में पुलिस थानों और चौकियों के लिए जरूरी जमीन निशुल्क हस्तांतरित करने की शासन की नीति का भी उल्लेख किया गया है। ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक इकाइयों की संख्या और गतिविधियों को देखते हुए नए थाने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है। इससे औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों, उद्यमियों और आसपास के लोगों को भी लाभ मिल सकता है। बोर्ड की मंजूरी के बाद निशुल्क भूमि आवंटन और पुलिस स्टेशन निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।


ईकोटेक-10 में 226 करोड़ रुपये से बनेगा 220 केवी बिजलीघर

ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-10 में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मौजूदा 132/33 केवी जीआईएस विद्युत उपकेंद्र को 220/33 केवी जीआईएस उपकेंद्र में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। परियोजना पर निर्माण और जमीन की लागत मिलाकर करीब 226 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए 8,945 वर्गमीटर भूमि उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इस बिजलीघर से ईकोटेक-10, ईकोटेक-11, घंघोला, मायचा और आसपास के गांवों, सेक्टरों तथा औद्योगिक संस्थानों की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ बिजली की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे में उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विद्युत आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिल सकती है। यह परियोजना औद्योगिक इकाइयों को बिजली उपलब्ध कराने और क्षेत्र के विकास की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

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