अवैध रंगाई फैक्ट्रियों और बिल्डरों पर कार्रवाई की मांग, दीपू यादव के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
- Shiv Kumar
- 30 Oct, 2026
गौतम बुद्ध नगर में गिरते भू-जल स्तर और जल प्रदूषण के मुद्दे पर भारतीय किसान संगठन ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। नोएडा महानगर अध्यक्ष दीपू यादव के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि जिले में अवैध कपड़ा रंगाई फैक्ट्रियां रसायन युक्त पानी जमीन में बहा रही हैं। वहीं, बिल्डर परियोजनाओं में भी बड़े पैमाने पर भू-जल का दोहन किया जा रहा है। संगठन ने इन गतिविधियों पर रोक लगाने, अवैध फैक्ट्रियों को सील करने और संबंधित संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही बिल्डर साइटों पर निर्माण कार्य के लिए एसटीपी से शोधित पानी का इस्तेमाल अनिवार्य करने की मांग उठाई है।
अवैध रंगाई फैक्ट्रियों से जल प्रदूषण का आरोप
ज्ञापन में महानगर अध्यक्ष दीपू यादव ने आरोप लगाया कि गौतम बुद्ध नगर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई जगह अवैध कपड़ा रंगाई फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं। उनके मुताबिक, ये इकाइयां बिना उचित अनुमति के भू-जल का इस्तेमाल कर रही हैं और रसायन युक्त पानी का बिना उपचार किए निस्तारण कर रही हैं। संगठन का दावा है कि इससे आसपास के इलाकों में भूमिगत जल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है और पानी घरेलू इस्तेमाल के लायक भी नहीं रह गया है। किसानों ने प्रशासन से ऐसी फैक्ट्रियों की पहचान कर तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही अवैध इकाइयों को सील करने, संचालकों के खिलाफ पर्यावरण नियमों के तहत एफआईआर दर्ज कराने और जुर्माना लगाने की मांग रखी है।
बिल्डर साइटों पर एसटीपी के पानी के इस्तेमाल की मांग
किसान प्रतिनिधिमंडल ने निर्माणाधीन बिल्डर परियोजनाओं में भू-जल के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। संगठन ने मांग की कि जिले की सभी बड़ी निर्माण साइटों पर भू-जल निकासी की निष्पक्ष जांच कराई जाए। निर्माण कार्यों में ताजे भू-जल के बजाय सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शोधित पानी का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाए। इसके अलावा बिना प्रशासनिक अनुमति के व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए चलाए जा रहे सबमर्सिबल पंप और बोरवेल पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में सोसायटियों और बड़े संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की तकनीकी जांच कराने की बात भी कही गई। संगठन का कहना है कि वर्षा जल संचयन की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होने पर गिरते भू-जल स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में आंदोलन की चेतावनी
दीपू यादव ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और शासन ने इन मुद्दों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो भारतीय किसान संगठन गौतम बुद्ध नगर में जन-जागरूकता अभियान चलाएगा और बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा। उन्होंने आशंका जताई कि भू-जल का लगातार दोहन और जल प्रदूषण जारी रहा तो नोएडा में भविष्य में पानी का संकट गंभीर हो सकता है और क्षेत्र डार्क जोन में पहुंच सकता है। संगठन ने कहा कि उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान अशोक यादव, ऋषिपाल शर्मा, अजब सिंह चौहान, हरेंद्र यादव, भूपेंद्र यादव, प्रदीप यादव, विष्णु तिवारी और भानु कुमार सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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