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सौरभ दुबे और दसुन शनाका IPL में होंगे शामिल, हर्षित राणा के रिप्लेसमेंट पर सस्पेंस, लीग में अब तक 10 खिलाड़ियों के खेलने पर संशय

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आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले ही कई टीमें खिलाड़ियों की चोटों से जूझ रही हैं। करीब 10 खिलाड़ी बाहर हो चुके हैं, जिससे टीमों को बदलाव करने पड़े हैं और टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों से पहले ही रणनीति बदलनी पड़ रही है।

आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले ही टीमों को बड़ा झटका लगा है। 28 मार्च से शुरू हो रहे इस सीजन में करीब 10 खिलाड़ी या तो पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं या शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। इसका सीधा असर टीमों की रणनीति पर पड़ रहा है। सीजन का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। चोटों और अन्य कारणों से कई टीमों को आखिरी समय में बदलाव करने पड़े हैं, जिससे खिलाड़ियों के चयन और टीम कॉम्बिनेशन को लेकर नई चुनौतियां सामने आ गई हैं। ऐसे में सभी टीमें अब जल्दी से जल्दी संतुलन बनाने की कोशिश में जुटी हुई हैं।


KKR और राजस्थान रॉयल्स ने किए अहम बदलाव
खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद फ्रेंचाइजी ने तुरंत कदम उठाए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स ने तेज गेंदबाज आकाश दीप की जगह सौरभ दुबे को टीम में शामिल किया है। सौरभ दुबे घरेलू क्रिकेट में विदर्भ के लिए खेलते हैं और अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, हालांकि उन्हें अभी तक आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला है। दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स ने सैम करन की जगह श्रीलंका के ऑलराउंडर दसुन शनाका को टीम में शामिल किया है। यह बदलाव टीम के संतुलन को बनाए रखने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है और इससे टीम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।


कुछ खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट का अभी इंतजार
जहां कुछ टीमों ने तुरंत बदलाव कर लिए हैं, वहीं कुछ खिलाड़ी अब भी रिप्लेसमेंट का इंतजार कर रहे हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स ने अभी तक हर्षित राणा और मथीशा पथिराना के विकल्प की घोषणा नहीं की है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि इन खिलाड़ियों के स्तर का विकल्प ढूंढना आसान नहीं है। हर्षित राणा घुटने की चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहेंगे, जबकि पथिराना को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि वह टूर्नामेंट के दौरान टीम से जुड़ सकते हैं। इससे टीम की रणनीति पर लगातार नजर बनी हुई है।


सीजन शुरू होने से पहले बदलते समीकरण
आईपीएल शुरू होने से पहले ही खिलाड़ियों की चोटों और बदलावों ने सभी टीमों की योजनाओं को प्रभावित कर दिया है। अब युवा खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का बड़ा मौका है। वहीं टीमों के लिए सही प्लेइंग इलेवन चुनना चुनौती बन गया है। आने वाले मुकाबलों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए खिलाड़ी कितना प्रभाव डाल पाते हैं और कौन सी टीम इन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करती है।

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