नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स से OUT! टखने में लिगामेंट फटने से बड़ा झटका
- Babli Ansari
- 29 Aug, 2026
नई दिल्ली। भारतीय भाला फेंक के सबसे बड़े नाम नीरज चोपड़ा को लेकर बड़ा झटका सामने आया है। टखने में लिगामेंट फटने की चोट के बाद उन्हें एशियन गेम्स से बाहर होना पड़ा है और इसके साथ ही उनका 2026 सीजन भी समय से पहले खत्म हो गया है। जानकारी के मुताबिक यह चोट ट्रेनिंग के दौरान लगी, जब वह लय पकड़ने की कोशिश में थे। लॉज़ेन में 88.05 मीटर का सीजन बेस्ट दर्ज करने के कुछ ही समय बाद यह खबर आई, जिसने भारतीय एथलेटिक्स खेमे में चिंता बढ़ा दी है। नीरज की तरफ से भी संकेत साफ हैं कि अब प्राथमिकता सिर्फ रिकवरी की होगी, ताकि वह पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौट सकें।
सीजन के बीच में आया सबसे बड़ा झटका
सूत्रों के अनुसार नीरज ने डॉक्टरों और अपनी सपोर्ट टीम से चर्चा के बाद बाकी सीजन से बाहर रहने का फैसला लिया। उनके लिए यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि लॉज़ेन में 88.05 मीटर का थ्रो उनके लिए वापसी के अच्छे संकेत की तरह देखा जा रहा था। लेकिन उसी लय के बाद ट्रेनिंग में लगी चोट ने पूरा समीकरण बदल दिया। ईएसपीएन की रिपोर्ट के मुताबिक लिगामेंट टियर के कारण नीरज न सिर्फ एशियन गेम्स से बाहर हुए हैं, बल्कि डायमंड लीग फाइनल और वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप जैसे अहम मुकाबले भी उनसे छिन गए हैं। यह चोट ऐसे वक्त आई है जब वे लगातार अपनी पुरानी धार वापस पाने की कोशिश में थे और टीम उन्हें आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रही थी।
लॉज़ेन के बाद अचानक पलटा हालात का रुख
लॉज़ेन डायमंड लीग में नीरज का प्रदर्शन खुद इस बात की गवाही दे रहा था कि वह धीरे-धीरे अपने सर्वश्रेष्ठ की ओर बढ़ रहे हैं। वहां 88 मीटर से ऊपर का थ्रो उनके आत्मविश्वास के लिए बड़ा सहारा माना जा रहा था। इसी कारण चोट की खबर ने खेल जगत को चौंका दिया। अलग-अलग रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि इस सीजन में उनकी भागीदारी अब आगे नहीं बढ़ेगी और मेडिकल सलाह को प्राथमिकता दी गई है। आमतौर पर इस स्तर की लिगामेंट चोट खिलाड़ी को सावधानी के साथ लंबा रिहैब लेने को मजबूर करती है। नीरज के लिए भी यही रास्ता चुना गया है, ताकि छोटी-सी जल्दबाजी भविष्य पर भारी न पड़ जाए।
भारतीय एथलेटिक्स के लिए भारी नुकसान
एशियन गेम्स जैसे मंच पर नीरज की गैरमौजूदगी सिर्फ एक खिलाड़ी की कमी नहीं है, बल्कि भारत के पदक समीकरण पर भी सीधा असर डालती है। वह मौजूदा दौर में भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के सबसे भरोसेमंद चेहरों में हैं और बड़े मौकों पर उनसे पदक की उम्मीद सबसे पहले की जाती रही है। उनकी अनुपस्थिति से न सिर्फ भाला फेंक स्पर्धा की तस्वीर बदलेगी, बल्कि भारतीय दल की रणनीति भी प्रभावित होगी। खेल विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह फैसला भले ही कड़ा हो, लेकिन लंबी चोट से बचने के लिहाज से सही है। अब पूरा ध्यान इस पर रहेगा कि नीरज कब और किस रूप में वापसी करते हैं। उनके प्रशंसकों के लिए फिलहाल राहत की एक ही खबर है कि चोट का इलाज शुरू हो चुका है और लक्ष्य अगली बड़ी वापसी पर है।
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