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दलीप ट्रॉफी में फिर नहीं चला वैभव सूर्यवंशी का बल्ला, 40 रन पर हुए आउट, पहली पारी में शतक से चूके थे

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दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी दूसरी पारी में 43 गेंदों पर 40 रन बनाकर आउट हो गए। पहली पारी में उन्होंने 81 गेंदों पर 92 रन बनाए थे। दूसरी पारी में धीमी शुरुआत के बाद आक्रामक होने की कोशिश में यश ठाकुर की गेंद पर रजत पाटीदार ने कैच पकड़ा।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में एक बार फिर बड़ी पारी खेलने से चूक गए। ईस्ट जोन की दूसरी पारी में जीत के लिए 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वैभव ने 43 गेंदों पर 40 रन बनाए। शुरुआत में उन्होंने काफी धीमी बल्लेबाजी की, लेकिन पारी के 14वें ओवर में लगातार चौके-छक्के लगाकर रन गति बढ़ाने की कोशिश की। इसी दौरान यश ठाकुर की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह आउट हो गए। रजत पाटीदार ने शानदार कैच लेकर उनकी पारी खत्म कर दी।


पहली पारी में शतक से सिर्फ आठ रन दूर रहे थे

ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल मुकाबले की पहली पारी में वैभव ने शानदार बल्लेबाजी की थी। उन्होंने 81 गेंदों पर 92 रन बनाए और अपने शतक से महज आठ रन दूर रह गए। उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले। इसी पारी के दौरान वैभव ने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उन्होंने करीब 57 साल पुराने लक्ष्मण सिंह के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।


दूसरी पारी में शुरुआत रही बेहद धीमी

ईस्ट जोन को दूसरी पारी में जीत के लिए सिर्फ 159 रन का लक्ष्य मिला था। ऐसे में टीम को वैभव से तेज शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन वह लंबे समय तक रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए। शुरुआती 20 गेंदों तक उनके बल्ले से कोई चौका या छक्का नहीं निकला। 21वीं गेंद पर उन्होंने अपना पहला छक्का लगाया। 13 ओवर पूरे होने तक वैभव 37 गेंदों पर केवल 22 रन बनाकर खेल रहे थे। उनके खाते में उस समय सिर्फ एक छक्का था।


एक ओवर में बदला अंदाज, अगली ही गेंद पर पारी खत्म

14वें ओवर में वैभव ने अचानक आक्रामक रुख अपनाया। यश ठाकुर के ओवर की पहली चार गेंदों पर उन्होंने तीन चौके और एक छक्का लगाकर तेजी से रन जुटाने की कोशिश की। हालांकि ओवर की आखिरी गेंद पर भी बड़ा शॉट खेलने का प्रयास उनके लिए भारी पड़ गया। गेंद बल्ले पर सही तरह नहीं आई और कप्तान रजत पाटीदार ने शानदार कैच लपक लिया। वैभव 43 गेंदों पर 40 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनकी पारी में तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे।


पहली पारी की चमक दूसरी पारी में नहीं दिखी

वैभव की पहली पारी और दूसरी पारी के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला। पहली पारी में उन्होंने आक्रामक अंदाज में 92 रन बनाकर रिकॉर्ड कायम किया, लेकिन दूसरी पारी में लक्ष्य छोटा होने के बावजूद वह शुरुआत में रन गति नहीं बढ़ा सके। अंत में तेजी से रन बनाने की कोशिश में विकेट गंवा बैठे। ऐसे में सेमीफाइनल की दूसरी पारी उनके लिए एक और सीख के तौर पर देखी जा रही है।

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