कैच छूटने पर गुस्सा दिखाना शेफाली वर्मा को पड़ा भारी, ICC ने लगाई फटकार, मिला डिमेरिट पॉइंट
- Shiv Kumar
- 20 Oct, 2026
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा को जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन करने पर आधिकारिक चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। यह घटना 18 अक्टूबर को रायपुर में खेले गए मुकाबले के दौरान हुई। आईसीसी के मुताबिक, शेफाली ने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए निर्धारित आचार संहिता के लेवल-1 का उल्लंघन किया। उन पर अनुच्छेद 2.2 के तहत कार्रवाई की गई, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान क्रिकेट उपकरणों, कपड़ों या मैदान पर मौजूद अन्य सामान के दुरुपयोग से संबंधित है। हालांकि, इस अनुशासनात्मक कार्रवाई के बावजूद शेफाली ने मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी की और भारत की जीत में अहम योगदान दिया।
कैच छूटने के बाद गुस्से में जमीन पर फेंकी गेंद
यह घटना भारत की गेंदबाजी के दौरान पहली पारी के 12वें ओवर में हुई। श्री चरणी की गेंद पर शेफाली वर्मा ने मिड-ऑफ पर चिपो मुगेरी-तिरिपानो का कैच छोड़ दिया। कैच छूटने से निराश शेफाली ने गुस्से में गेंद जमीन पर फेंक दी। आईसीसी ने उनके इस व्यवहार को आचार संहिता का उल्लंघन माना। इस मामले में शेफाली ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और आईसीसी मैच रेफरी पैनल की जीएस लक्ष्मी की ओर से प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसी वजह से मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। आईसीसी के अनुसार, पिछले 24 महीनों में यह शेफाली का पहला उल्लंघन था। लेवल-1 के उल्लंघन पर आधिकारिक चेतावनी और डिमेरिट पॉइंट दिए जाने के बाद उनका अनुशासनात्मक रिकॉर्ड अपडेट किया गया है।
डिमेरिट पॉइंट से कैसे लग सकता है मैच खेलने पर प्रतिबंध
आईसीसी के नियमों के मुताबिक, यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने की अवधि में चार या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट हासिल करता है, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है। दो सस्पेंशन पॉइंट होने पर खिलाड़ी को एक टेस्ट, दो वनडे या दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों से निलंबित किया जा सकता है, जो भी पहले लागू हो। डिमेरिट पॉइंट खिलाड़ी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में 24 महीने तक बने रहते हैं। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद इन्हें रिकॉर्ड से हटा दिया जाता है। शेफाली के मामले में फिलहाल एक डिमेरिट पॉइंट जोड़ा गया है। इसलिए इस कार्रवाई के आधार पर उन पर तत्काल मैच प्रतिबंध लगने की बात नहीं कही गई है। हालांकि, भविष्य में निर्धारित अवधि के भीतर नियमों का दोबारा उल्लंघन करने और डिमेरिट पॉइंट बढ़ने पर आईसीसी के नियमों के तहत आगे की कार्रवाई हो सकती है।
शेफाली की तूफानी पारी से भारत ने जीती सीरीज
रायपुर में हुई इस घटना के बावजूद शेफाली वर्मा ने दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 25 गेंदों में 55 रन बनाकर भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। मुकाबले में जिम्बाब्वे की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट के नुकसान पर 102 रन ही बना सकी। इसके जवाब में भारतीय टीम ने नौवें ओवर तक लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। पहले टी20 मुकाबले में जिम्बाब्वे से कड़ी टक्कर मिलने के बाद भारतीय टीम ने दूसरे मैच में दमदार प्रदर्शन किया। सीरीज का तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 20 अक्टूबर को रायपुर में निर्धारित था। शेफाली की बल्लेबाजी ने जहां भारत की जीत में अहम योगदान दिया, वहीं कैच छोड़ने के बाद गेंद जमीन पर फेंकने की घटना के कारण उन्हें आईसीसी की अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
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