योगी सरकार के बड़े फैसले, लखनऊ-हरदोई में टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी, प्रगति रोबोटिक्स पार्क की होगी स्थापना, अभी पढ़ें ये बड़ी खबर
- Shiv Kumar
- 27 Oct, 2026
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित करने, चार लिंक एक्सप्रेसवे के विकासकर्ताओं के चयन और शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने जैसे अहम फैसले शामिल हैं। बैठक में मैनपुरी के सैनिक स्कूल के लिए मुफ्त जमीन, प्रदेश में साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने और प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा रोबोटिक्स पार्क, पेयजल और सीवरेज परियोजनाओं, निवेश को बढ़ावा देने तथा पशुपालन से जुड़े मुद्दों पर भी फैसले लिए गए। बैठक के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 की जानकारी दी। इसके तहत बड़ी यांत्रिक नौकाओं और छोटी गैर-यांत्रिक नावों का पंजीकरण होगा। नाविकों और यात्रियों का बीमा कराने का भी प्रावधान किया गया है।
लखनऊ-हरदोई में बनेगा पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क
कैबिनेट बैठक में लखनऊ-हरदोई क्षेत्र में 1,000 एकड़ में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित करने से जुड़ा प्रस्ताव शामिल रहा। इस परियोजना का उद्देश्य कपड़ा उद्योग से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देना और निवेश के नए अवसर तैयार करना है। इसके साथ ही प्रदेश में रोबोटिक्स पार्क स्थापित करने से जुड़े प्रस्ताव पर भी फैसला लिया गया। सरकार का जोर औद्योगिक विकास, नई तकनीक से जुड़े निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है। बैठक में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और वैश्विक कंपनियों के निवेश से संबंधित इम्पावर्ड कमेटी के फैसलों को भी मंजूरी दी गई। उत्तर प्रदेश की जीसीसी नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों पर भी मुहर लगाई गई। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के जरिए कंपनियां तकनीकी सेवाओं, शोध और डेटा विश्लेषण जैसी गतिविधियां संचालित करती हैं। इन फैसलों से प्रदेश में औद्योगिक और तकनीकी निवेश को बढ़ावा देने की योजना है।
चार लिंक एक्सप्रेसवे के विकासकर्ताओं का होगा चयन
प्रदेश में सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। इससे आवागमन को सुगम बनाने और संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। कैबिनेट ने मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर जमीन निशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए मुफ्त जमीन उपलब्ध कराने का फैसला किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सड़क संपर्क और भंडारण से जुड़ी सुविधाओं का विकास करना है।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज
कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी इस सुविधा के दायरे में शामिल करने का फैसला लिया गया। सरकार का उद्देश्य पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च से राहत देना है। इसके अलावा प्रदेश में साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर स्थापित करने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर से जुड़े मामलों में स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग में पंजीकरण की व्यवस्था करने का फैसला भी बैठक में शामिल रहा। स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल के मुताबिक, कंपनी की संपत्ति पर सर्किल रेट का 2 प्रतिशत या 0.50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क से संबंधित प्रावधान लागू होंगे। इसकी गणना और शर्तें संबंधित सरकारी आदेश से स्पष्ट होंगी।
प्रयागराज में 845 आवास, अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण को वित्तीय मंजूरी देने का प्रस्ताव शामिल रहा। इसके अलावा शहर में ऑडिटोरियम और वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने से जुड़ा प्रस्ताव भी रखा गया। वर्किंग वुमन हॉस्टल का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। वहीं, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत इंजन से चलने वाले बड़े यांत्रिक जलयानों और छोटी गैर-यांत्रिक नावों का पंजीकरण किया जाएगा। गैर-यांत्रिक नावों के पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। नियमावली में नाविकों और यात्रियों का बीमा कराने का भी प्रावधान है। इन नियमों का उद्देश्य प्रदेश में अंतर्देशीय जल परिवहन के संचालन और पंजीकरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है।
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