भारत को बिजली बेचकर मालामाल हुआ नेपाल, रिकॉर्ड कमाई ने सबको चौंकाया

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नेपाल ने चालू वित्त वर्ष में बिजली निर्यात से अब तक की सबसे बड़ी कमाई दर्ज की है। भारत और बांग्लादेश को बढ़ी मात्रा में बिजली बेचकर एनईए की आय 67.96% उछलकर 29.32 अरब रुपये पहुंच गई।

काठमांडू। नेपाल ने जलविद्युत उत्पादन के दम पर बिजली निर्यात में नया इतिहास रच दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत और बांग्लादेश को बिजली बेचकर नेपाल ने 29.32 अरब नेपाली रुपये की रिकॉर्ड आय अर्जित की। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 68 प्रतिशत अधिक है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) के अनुसार मानसून के दौरान अतिरिक्त जलविद्युत उत्पादन का लाभ उठाते हुए भारत के ऊर्जा बाजार और बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति बढ़ाई गई। इसी वजह से निर्यात आय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई।

भारत बना सबसे बड़ा बिजली खरीदार

नेपाल की बिजली का सबसे बड़ा खरीदार भारत रहा। भारत के विभिन्न ऊर्जा एक्सचेंजों और द्विपक्षीय समझौतों के जरिए बड़ी मात्रा में बिजली खरीदी गई। वहीं बांग्लादेश को भी भारत के ट्रांसमिशन नेटवर्क के माध्यम से बिजली की आपूर्ति जारी रही। नेपाल सरकार का कहना है कि इस क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग से न केवल विदेशी मुद्रा आय बढ़ी है, बल्कि दक्षिण एशिया में ऊर्जा साझेदारी भी मजबूत हुई है। हाल के वर्षों में भारत ने नेपाल से बिजली आयात की क्षमता लगातार बढ़ाई है, जिससे नेपाल के जलविद्युत क्षेत्र को बड़ा बाजार मिला है।

हाइड्रो पावर बना अर्थव्यवस्था की नई ताकत

नेपाल लंबे समय से अपनी विशाल जलविद्युत क्षमता का बेहतर उपयोग करने की कोशिश कर रहा था। अब उत्पादन बढ़ने और सीमापार बिजली व्यापार का दायरा विस्तृत होने से देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। नेपाल विद्युत प्राधिकरण का मानना है कि आने वाले वर्षों में कई नई जलविद्युत परियोजनाएं शुरू होने के बाद बिजली निर्यात और तेजी से बढ़ेगा। सरकार का लक्ष्य नेपाल को दक्षिण एशिया का प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा निर्यातक बनाना है।

क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को मिलेगा नया बल

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत, नेपाल और बांग्लादेश के बीच बढ़ता बिजली व्यापार पूरे क्षेत्र के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, नेपाल की आय में वृद्धि होगी और पड़ोसी देशों को भी जरूरत के समय अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हो सकेगी। नेपाल सरकार का कहना है कि भविष्य में ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और नई परियोजनाओं के शुरू होने से बिजली निर्यात का दायरा और बढ़ेगा। रिकॉर्ड राजस्व ने यह संकेत भी दिया है कि जलविद्युत अब नेपाल की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बनता जा रहा है।

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