Ola-Uber की छुट्टी? अमित शाह ने लॉन्च किया 'भारत टैक्सी', कमीशन खत्म, पूरा पैसा ड्राइवर का!

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मंत्री अमित शाह ने कहा कि 'भारत टैक्सी' देश में Ola और Uber का सहकारी मॉडल वाला विकल्प बनेगी। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि ड्राइवर मालिक (Owner) होंगे, कमीशन नहीं देना होगा और मुनाफे में भी हिस्सेदारी मिलेगी।

देश में ऑनलाइन कैब सर्विस के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि 'भारत टैक्सी' देश में Ola और Uber जैसी निजी कंपनियों का मजबूत विकल्प बनेगी। यह देश की पहली सहकारी (Cooperative) मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग सेवा होगी, जहां ड्राइवर सिर्फ गाड़ी चलाने वाले नहीं बल्कि इस व्यवस्था के साझेदार और मालिक भी होंगे। सरकार का दावा है कि इससे लाखों ड्राइवरों की आय बढ़ेगी और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

क्या होगी भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत?

भारत टैक्सी का सबसे बड़ा अंतर इसका Zero Commission Model है। मौजूदा समय में कई ऐप-आधारित कैब सेवाएं ड्राइवरों से प्रति राइड कमीशन लेती हैं, लेकिन भारत टैक्सी में ऐसा नहीं होगा। ड्राइवरों को किराए का पूरा लाभ मिलेगा और वे सहकारी संस्था के सदस्य होने के कारण मुनाफे में भी हिस्सेदार बनेंगे। सरकार का कहना है कि इससे ड्राइवरों की कमाई बढ़ेगी और उन्हें सम्मानजनक रोजगार मिलेगा।

यात्रियों को भी मिलेगा फायदा

सरकार का दावा है कि इस मॉडल का फायदा सिर्फ ड्राइवरों को ही नहीं बल्कि यात्रियों को भी मिलेगा। भारत टैक्सी में पारदर्शी किराया प्रणाली लागू करने की योजना है, जिससे अत्यधिक सर्ज प्राइसिंग (Surge Pricing) जैसी शिकायतें कम हो सकती हैं। साथ ही ONDC आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने की वजह से सेवा अधिक खुली और प्रतिस्पर्धी बनाने की कोशिश की जा रही है।

देशभर में विस्तार की तैयारी

अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी की शुरुआत चुनिंदा शहरों से की गई है और आने वाले समय में इसे चरणबद्ध तरीके से देशभर में विस्तार दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में इस सेवा को सैकड़ों शहरों तक पहुंचाने का है, ताकि अधिक से अधिक ड्राइवर और यात्री इस मॉडल का लाभ उठा सकें।

कैब सेक्टर में बढ़ सकती है नई प्रतिस्पर्धा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत टैक्सी अपने घोषित मॉडल के अनुसार सफल होती है, तो देश के ऐप-आधारित कैब बाजार में बड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। ड्राइवरों को कमीशन से राहत, मुनाफे में हिस्सेदारी और सहकारी व्यवस्था का लाभ मिलने से यह मॉडल निजी कंपनियों के लिए चुनौती बन सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि भारत टैक्सी देशभर में कितनी तेजी से विस्तार करती है और यात्रियों व ड्राइवरों के बीच कितनी लोकप्रिय हो पाती है।

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