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चावड़ी बाजार में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही, दो लोगों की मौत; कई के दबे होने की आशंका
नोएडा में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचा, AQI 412 रिकॉर्ड, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ने की आशंका
नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के भीड़भाड़ वाले चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई और मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना गली सितारा, शीश महल क्षेत्र में चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास करीब सुबह 9:50 बजे हुई। दमकल विभाग को सूचना मिलते ही छह दमकल वाहन, पानी के टैंकर और बचाव दल मौके पर भेजे गए। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में दो लोगों की मौत हुई है और एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है। पुलिस, दमकल, नगर निगम और अन्य एजेंसियों की टीमें मलबा हटाकर लोगों की तलाश में जुटी हैं।गली सितारा में मलबे के नीचे तलाश, छह दमकल इकाइयां मौके परप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत गिरने से पहले तेज आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते निर्माणाधीन ढांचा मलबे में बदल गया। आसपास की दुकानों और मकानों से लोग बाहर निकल आए। संकरी गलियों के कारण राहत दलों को शुरुआती दौर में बचाव उपकरण घटनास्थल तक पहुंचाने में दिक्कत आई। दिल्ली दमकल सेवा को सुबह पौने दस बजे के आसपास कॉल मिली थी। इसके बाद एक-एक कर छह इकाइयां मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में लोगों के फंसे होने की सूचना मिलने पर अतिरिक्त बल और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया। बचावकर्मी सावधानी से मलबा हटा रहे हैं, ताकि नीचे दबे किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। घायलों को निकालकर अस्पताल भेजने की तैयारी भी की गई।पुरानी दिल्ली की जर्जर इमारतों पर फिर उठे सवालचावड़ी बाजार और आसपास का इलाका बेहद घना है, जहां पुरानी और नई इमारतें एक-दूसरे से सटी हुई हैं। बाजार क्षेत्र में रोजाना बड़ी संख्या में कारोबारी, मजदूर और खरीदार पहुंचते हैं। ऐसे में किसी निर्माणाधीन ढांचे का गिरना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट में इमारत के ढहने की वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है। निर्माण की अनुमति, भवन की संरचनात्मक मजबूती और मौके पर सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जा सकती है। यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब पुराने दिल्ली क्षेत्र में जर्जर इमारतों और अनधिकृत निर्माण को लेकर लगातार चिंता जताई जाती रही है। जांच एजेंसियां मलबा हटने के बाद निर्माण स्थल का निरीक्षण कर सकती हैं और जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जा सकती है।राहत कार्य जारी, मृतकों की पहचान का इंतजारहादसे के बाद पुलिस ने आसपास का रास्ता खाली कराया और लोगों को घटनास्थल से दूर रहने को कहा। बचाव दल मलबे के अलग-अलग हिस्सों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि फंसे लोगों की सही संख्या राहत कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय लोगों ने बताया कि इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और आसपास मजदूरों की आवाजाही रहती थी। मृतकों और घायल व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर तैनात किया है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद इमारत गिरने की वजह और सुरक्षा चूक की जांच होगी। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में किसी जीवित व्यक्ति को सुरक्षित निकालने की है।
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