गाजियाबाद के मोदीनगर में निर्माणाधीन मकान की शटरिंग गिरी, मलबे में दबने से एक मजदूर की मौत, पांच घायल

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गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित सीकरी खुर्द गांव में निर्माणाधीन मकान का शटरिंग ढांचा गिरने से मजदूर छोटू की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हुए। पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ ने गैस कटर से सरिये काटकर बचाव अभियान चलाया। हादसे के कारणों की जांच बाकी है।

गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र के सीकरी खुर्द गांव में शनिवार सुबह निर्माणाधीन मकान का लेंटर डालने की तैयारी के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सीकरी-कलछीना मार्ग पर स्थित मकान में काम करते समय अचानक शटरिंग का ढांचा भरभराकर गिर पड़ा। इसकी चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग मजदूरों को बचाने के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। लोहे के सरियों को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल करना पड़ा। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर की पहचान फरीदनगर निवासी छोटू के रूप में हुई है। वहीं, पांच घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसडीएम और एसीपी मोदीनगर सहित प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी की।


सुबह साढ़े आठ से नौ बजे के बीच अचानक गिरा शटरिंग का ढांचा

मोदीनगर के सीकरी खुर्द गांव में सत्ते गुर्जर के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार सुबह करीब 8:30 से 9 बजे के बीच मजदूर छत पर लेंटर डालने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक शटरिंग का ढांचा नीचे गिर गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ढांचा वजन नहीं संभाल सका, जिससे पूरी संरचना नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरी। हादसा इतनी अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला। शटरिंग और लोहे के सरियों के बीच कई मजदूर फंस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मदद के प्रयास शुरू किए। हादसे की सूचना पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों को दी गई, जिसके बाद राहत कार्य शुरू हुआ।


फरीदनगर निवासी छोटू की मौत, पांच मजदूर अस्पताल में भर्ती

हादसे में फरीदनगर निवासी छोटू नामक मजदूर की मौत हो गई। इसके अलावा पांच अन्य मजदूर घायल हुए हैं। घायलों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों और आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। अचानक भारी ढांचा गिरने से बचाव कार्य में भी मुश्किलें आईं। मलबे के बीच लोहे के सरिये होने के कारण मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष उपकरणों की जरूरत पड़ी। फिलहाल घायल मजदूरों की पहचान और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।


एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड ने चलाया बचाव अभियान

निर्माणाधीन मकान में हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत अभियान चलाया। शटरिंग के ढांचे में लगे लोहे के सरियों को हटाने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया। सरियों को काटकर मलबा हटाया गया और फंसे मजदूरों को बाहर निकाला गया। इस दौरान एसडीएम और एसीपी मोदीनगर सहित प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था कराई।


शटरिंग की मजबूती और सुरक्षा इंतजामों की होगी जांच

हादसे के बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती जानकारी में शटरिंग का ढांचा वजन नहीं संभाल पाने की बात सामने आई है, लेकिन हादसे का वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। यह भी जांच का विषय है कि लेंटर डालने की तैयारी से पहले शटरिंग की मजबूती की जांच की गई थी या नहीं। इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे या नहीं, इसकी स्थिति भी स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों के उपचार और हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाने पर है।

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