गाजियाबाद पुलिस और FSDA का बड़ा एक्शन, देहरादून में नकली दवाइयों की फैक्ट्री सील, कई ब्रांड की फर्जी दवाइयां बरामद

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गाजियाबाद पुलिस और एफएसडीए की संयुक्त कार्रवाई में देहरादून की एक कथित नकली दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। कई नामी कंपनियों के नाम से दवाइयां बनाए जाने का आरोप है। फैक्ट्री सील कर दी गई है और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी है।

गाजियाबाद पुलिस की स्वाट टीम और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की संयुक्त कार्रवाई में उत्तराखंड के देहरादून में संचालित एक नकली दवाइयों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। कार्रवाई एक आरोपी की निशानदेही पर की गई, जहां देश की कई नामी दवा कंपनियों के नाम से कथित तौर पर नकली दवाइयां तैयार की जा रही थीं। मौके से बड़ी मात्रा में दवाइयां और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है। फिलहाल फैक्ट्री को सील कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


आरोपी की निशानदेही पर फैक्ट्री तक पहुंची टीम

जानकारी के अनुसार, लखनऊ के अमीनाबाद थाने में दर्ज एक मुकदमे में सामने आए आरोपी राजेन्द्र उर्फ अरुण टूण्डा की लोकेशन गाजियाबाद में मिली थी। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की स्वाट टीम ने एफएसडीए लखनऊ के साथ मिलकर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर देहरादून के बसंत विहार थाना क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री पर छापेमारी की गई, जहां बड़े स्तर पर कथित रूप से नकली दवाइयों का निर्माण किया जा रहा था।


नामी कंपनियों के नाम से बनाई जा रही थीं दवाइयां

छापेमारी के दौरान बरामद दवाइयों पर Cipla, Lupin, Dr. Reddy's, Mankind, Intas, Abbott, Sun Pharma, Aristo, Macleods और Zydus जैसी प्रमुख दवा कंपनियों के नाम अंकित मिले। प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई है कि इन ब्रांडों के नाम का इस्तेमाल कर नकली दवाइयां तैयार की जा रही थीं। ड्रग इंस्पेक्टर और स्थानीय पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।


सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटीं एजेंसियां

अधिकारियों के मुताबिक, अब जांच का फोकस इस बात पर है कि यह नकली दवाइयों का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और इन दवाइयों की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी। साथ ही इस रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

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