पहले ही दिन नौकरानी ने उड़ाया मोबाइल, गाजियाबाद में सोसाइटी में CCTV में कैद हुई वारदात, पुलिस जांच में जुटी

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गाजियाबाद की पैरामाउंट सिम्फनी सोसाइटी में घरेलू काम के लिए पहले दिन आई महिला पर मोबाइल चोरी का आरोप लगा है। पीड़िता का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। पुलिस शिकायत के आधार पर जांच कर आरोपी की तलाश में जुटी है।

गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र स्थित पैरामाउंट सिम्फनी सोसाइटी में घरेलू काम के लिए आई एक महिला पर पहले ही दिन मोबाइल फोन चोरी करने का आरोप लगा है। पीड़िता ने इस संबंध में थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी महिला की तलाश कर रही है। इस घटना के बाद सोसाइटी के लोगों में भी चिंता का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


काम शुरू करने के कुछ घंटे बाद ही गायब हुआ मोबाइल

पैरामाउंट सिम्फनी सोसाइटी के फ्लैट नंबर-1003 में रहने वाली शिल्पा यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने रविवार को पहली बार पूनम उर्फ पूजा नाम की महिला को घरेलू काम के लिए रखा था। शाम करीब साढ़े चार बजे महिला ने किसी जरूरी काम का हवाला देते हुए घर जाने की बात कही और वहां से चली गई। कुछ देर बाद जब परिवार ने अपना मोबाइल फोन तलाशना शुरू किया तो वह नहीं मिला। इसके बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। पीड़िता का दावा है कि फुटेज में संबंधित महिला मोबाइल फोन लेकर जाती हुई दिखाई दे रही है। शिकायत में चोरी हुए मोबाइल की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है।


सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश, पुलिस ने दी अहम सलाह

पीड़िता ने पुलिस से मोबाइल बरामद कराने और आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से आरोपी महिला की पहचान और तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी घरेलू सहायक को काम पर रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं। इससे ऐसे मामलों की संभावना कम होती है और किसी भी अप्रिय स्थिति में जांच करने में भी आसानी रहती है।

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