केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, अश्लील कंटेंट दिखाने वाले 5 ओटीटी प्लेटफॉर्म बैन, 7 महीने पहले भी 25 प्लेटफॉर्म हुए थे बैन
- Shiv Kumar
- 26 Feb, 2026
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन अश्लील कंटेंट के खिलाफ एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मंगलवार को पांच ओटीटी प्लेटफॉर्म—मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू—को ब्लॉक कर दिया। मंत्रालय का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही थी, जो आईटी एक्ट 2000, आईटी नियम 2021, आईपीसी की धारा 292 और महिलाओं को अपमानजनक रूप में दिखाने से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करती है। सरकार के मुताबिक डिजिटल स्पेस में बढ़ते अनियंत्रित कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर जांच के बाद इन प्लेटफॉर्म्स को भारत में एक्सेस से प्रतिबंधित किया गया है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर शिकंजा कसा हो। पिछले साल जुलाई में Ullu और ALTT समेत 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को बैन किया गया था। ALTT ऐप को अप्रैल 2017 में प्रोड्यूसर एकता कपूर ने लॉन्च किया था, जबकि Ullu ऐप की शुरुआत 2018 में विभु अग्रवाल ने की थी, जो IIT कानपुर से ग्रेजुएट हैं। इससे पहले मार्च 2024 में भी 18 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया गया था। उस दौरान 19 वेबसाइट्स, 10 ऐप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स को भी ब्लॉक किया गया था। सरकार का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद कुछ प्लेटफॉर्म नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, जिसके चलते कड़ी कार्रवाई करनी पड़ी।
कानूनी प्रावधान और बढ़ती सख्ती
आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 और 67A के तहत इंटरनेट पर अश्लील या यौन गतिविधि से जुड़ा कंटेंट प्रकाशित करना अपराध है। वहीं BNS 2023 की धारा 294 सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकत या आपत्तिजनक भाषा को दंडनीय मानती है। महिलाओं के अश्लील (निषेध) अधिनियम 1986 की धारा 4 भी किसी माध्यम से महिलाओं को अपमानजनक रूप में दिखाने पर रोक लगाती है। लॉकडाउन के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जुलाई 2020 में एक एडल्ट कॉमेडी शो को एक दिन में 1.1 करोड़ बार MX प्लेयर पर स्ट्रीम किया गया। इसी दौरान ALTT की व्यूअरशिप में 60% तक इजाफा और मंथली एक्टिव यूजर्स में 21% वृद्धि दर्ज की गई। सरकार ने 2021 में डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड लागू किया था, जिसे 6 अप्रैल 2023 को अपडेट किया गया। गाइडलाइंस के तहत कंटेंट कैटेगरी तय करना, चेतावनी देना और ग्रीवांस ऑफिसर नियुक्त करना अनिवार्य है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






